Patrakar Priyanshi Chaturvedi
सुप्रीम कोर्ट ने जिला जजों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारी सामान्य सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे संविधान के तहत नियुक्त एक अलग और विशिष्ट श्रेणी के अधिकारी हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस कारण न्यायिक अधिकारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु अन्य सरकारी कर्मचारियों से अलग तय की जा सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जैसे प्रोफेसरों और डॉक्टरों के लिए अलग सेवा शर्तें हो सकती हैं, उसी तरह न्यायिक अधिकारियों के लिए भी अलग व्यवस्था संभव है।
सुनवाई के दौरान कुछ राज्य सरकारों ने तर्क दिया कि यदि न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाई जाती है तो अन्य सरकारी कर्मचारी इसे भेदभाव मान सकते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की तुलना सामान्य सरकारी कर्मचारियों से नहीं की जा सकती, क्योंकि उनकी संवैधानिक भूमिका और सेवा की प्रकृति अलग है। इसलिए उनके लिए अलग सेवानिवृत्ति आयु निर्धारित करना एक उचित और वैध वर्गीकरण माना जा सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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