Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। अगले पांच वर्षों में राज्य के 221 वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिनमें 95 आईपीएस, 86 आईएएस और 40 आईएफएस अधिकारी शामिल हैं। ऐसे समय में जब नए जिले बनाए जा रहे हैं, सरकारी योजनाओं और बड़ी परियोजनाओं का दायरा बढ़ रहा है, अधिकारियों की कमी प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और सरकारी सेवाओं की प्रभावी निगरानी पर भी पड़ने की आशंका है।
स्थिति यह है कि मध्य प्रदेश कैडर में 459 आईएएस अधिकारियों का स्वीकृत पद है, जबकि वर्तमान में केवल 393 अधिकारी हैं। इनमें से भी 29 अधिकारी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, जिससे राज्य में सक्रिय आईएएस अधिकारियों की संख्या और कम हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए अखिल भारतीय सेवाओं के राज्यवार कैडर की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में प्रशासनिक संकट से बचा जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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