Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि PoK को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए। यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का हिस्सा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JAAC प्रमुख शौकत नवाज मीर को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि संगठन के 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह आंदोलन शुरुआत में महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन अब इसका स्वरूप राजनीतिक विरोध में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार आंदोलन को दबाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित कर रही है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पहले JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगाया था और उसके कई नेताओं पर भी इसी कानून के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जून की शुरुआत से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी गई हैं और हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच, PoK में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसके चलते क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |