एमपी में गेहूं संकट: कम दाम, बंद एक्सपोर्ट और बढ़ता किसानों का गुस्सा
Wheat crisis , MP: Low prices, halted exports, growing farmer anger

मध्यप्रदेश में गेहूं उत्पादक किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी शुरू नहीं होने से उन्हें कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय हालात—खासतौर पर Iran–Israel–US tensions—के कारण गेहूं एक्सपोर्ट भी प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है और व्यापारी ऊंचे दाम देने से बच रहे हैं, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

 

Vidisha, Guna और Tikamgarh समेत कई जिलों में किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। विदिशा में किसानों ने मंडी के बाहर चक्का जाम कर दिया, जबकि गुना में कम दाम मिलने पर विरोध के दौरान पुलिस से झड़प तक हो गई। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें MSP से काफी कम कीमत दी जा रही है और मजबूरी में वे अपनी उपज सस्ते में बेचने को मजबूर हैं।

 

हालांकि राज्य सरकार ने अब स्थिति संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक Indore, Ujjain, Bhopal और Narmadapuram संभागों में 10 अप्रैल से MSP पर गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में 15 अप्रैल से प्रक्रिया लागू की जाएगी। 7 अप्रैल से किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग भी शुरू हो रही है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हालात कुछ हद तक सुधर सकते हैं

Priyanshi Chaturvedi 6 April 2026

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