Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बुलंदशहर के नेशनल हाईवे-91 पर 28 जुलाई 2016 की रात हुई दिल दहला देने वाली वारदात में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कार सवार परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट करने वाले पांच दोषियों को विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। पीड़ित परिवार ने दरिंदों को फांसी देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने सभी को आजीवन कारावास की सजा दी। सजा सुनने के बाद दोषियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए फैसले पर असंतोष जताया।
रात में रोकी कार, खेत में ले जाकर की दरिंदगी
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, नोएडा निवासी एक परिवार के छह सदस्य शाहजहांपुर अपने गांव जा रहे थे। देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के पास बदमाशों ने कार रुकवाई और पूरे परिवार को बंधक बना लिया। आरोपियों ने पुरुषों के हाथ-पैर बांध दिए और 14 वर्षीय किशोरी व उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद लूटपाट कर आरोपी फरार हो गए। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसमें बावरिया गिरोह के कई नाम सामने आए। कुल छह आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हुई थी, लेकिन एक आरोपी की बीमारी से मौत हो चुकी है। शेष पांच को अदालत ने दोषी करार दिया।
जेल में डर और बेचैनी, नींद तक नहीं आई
दोष सिद्ध होने के बाद जब सभी आरोपियों को जिला कारागार बुलंदशहर भेजा गया, तो उनके चेहरों पर सजा का डर साफ नजर आया। जेल की बैरक में उनकी रात बेचैनी में कटी। न तो ठीक से खाना खाया गया और न ही किसी की आंखों में नींद आई। जेलकर्मियों के मुताबिक, देर रात तक बैरक के अंदर बातचीत की आवाजें आती रहीं। सभी यही चर्चा करते रहे कि अदालत उन्हें कितनी सजा सुनाएगी। एक समय हाईवे पर खौफ फैलाने वाले इन दोषियों के लिए अब उम्रकैद की सजा ही उनकी सच्चाई बन चुकी है।
Patrakar Vandana Singh
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