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फ्लायदुबई की उड़ान में संकट के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की भारत समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे क्रू और यात्रियों को स्थिति संभालने का मौका मिला। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की।
घटना के दौरान कैप्टन मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला किया था, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। करीब 14 हजार फीट नीचे आने के बाद भी मच्छार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि संकट की घड़ी में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे उन्हें हिम्मत मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी बहादुरी की चर्चा हुई है और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने उनकी सराहना की है।
इसी बीच भाजपा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से कैप्टन मच्छार को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आने पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि देश और विदेश में लोग कैप्टन की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी ने अब तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक संदेश नहीं दिया। भंडारी ने इसे लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी की ओर से कैप्टन मच्छार या उनके परिवार के समर्थन में कोई पोस्ट या वीडियो संदेश सामने नहीं आया है।
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