Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को स्वतः नागरिकता मिलने के नियम को सीमित करने की दिशा में एक बार फिर कदम उठाया है। ट्रंप ने इमिग्रेशन से जुड़े दो कार्यकारी आदेशों की जानकारी दी, जिनमें एक का फोकस बर्थराइट सिटीजनशिप के दायरे को सीमित करना और दूसरा अमेरिका में सिर्फ बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से आने वाले विदेशी नागरिकों यानी ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक लगाना है। नए आदेश के तहत अमेरिकी अधिकारी ऐसे टूरिस्ट वीजा आवेदनों को खारिज या रद्द कर सकते हैं, जिनमें संदेह हो कि अमेरिका आने का मुख्य उद्देश्य बच्चे को जन्म देना है। ट्रंप लंबे समय से बर्थराइट सिटीजनशिप को लेकर इसे ‘मजाक’ बताते रहे हैं।
हालांकि, अमेरिका में जन्म से नागरिकता का मुद्दा कानूनी तौर पर बेहद जटिल है। अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों के तहत अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता देने की व्यवस्था लंबे समय से लागू है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि 14वें संशोधन का मूल उद्देश्य गुलामी से मुक्त लोगों के बच्चों की नागरिकता सुनिश्चित करना था, न कि हर विदेशी माता-पिता के बच्चे को स्वतः नागरिकता देना। प्रशासन ने बर्थ टूरिज्म से जुड़े वीजा नेटवर्क और एजेंटों पर भी कार्रवाई की बात कही है। वहीं, उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बर्थ टूरिज्म अमेरिका में होने वाले कुल जन्मों का बेहद छोटा हिस्सा है। 2024 में विदेशी पते वाली माताओं से करीब 9,600 जन्म दर्ज किए गए थे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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