एमपी में अक्टूबर से महंगी हो सकती है बिजली, बिल में जुड़ेंगे नए चार्ज
मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अक्टूबर से बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ सकता है। बिजली दरों में नए चार्ज जोड़ने की तैयारी है, जिससे बिल में करीब 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की आशंका है। प्रस्तावित बदलाव के तहत फ्यूल चार्ज के साथ पावर परचेस चार्ज भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा बिजली चोरी और वितरण कंपनियों की तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों का असर भी उपभोक्ताओं के बिल पर पड़ सकता है। अप्रैल 2026 में ही बिजली दरों में करीब 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि फ्यूल चार्ज के नाम पर हर महीने अतिरिक्त राशि वसूली जाती है।
मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग बिजली आपूर्ति, टैरिफ और व्हीलिंग चार्ज से जुड़े नियमों में संशोधन की प्रक्रिया में है। प्रस्ताव पर फिलहाल सुझाव और आपत्तियां ली जा रही हैं और सितंबर तक समीक्षा पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद अक्टूबर से नए नियम लागू किए जा सकते हैं। एमपीआरईसी के सचिव उमाकांत पांडा के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मिले उपयोगी सुझावों को शामिल करने के बाद अंतिम व्यवस्था लागू की जाएगी। ऐसे में आने वाले महीनों में बिजली उपभोक्ताओं के बिल का गणित बदल सकता है और बिजली चोरी से होने वाले नुकसान का एक हिस्सा भी उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।