1 जुलाई से नए स्वरूप में लागू होगी वीबी-जी-रामजी योजना, ग्रामीणों को मिलेंगे 125 दिन रोजगार
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब 1 जुलाई 2026 से नए स्वरूप में लागू होगी। योजना का नया नाम 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAMJI)' रखा गया है। इसके तहत पंचायतों में 318 प्रकार के विकास कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, टिकाऊ बुनियादी ढांचा और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। योजना को रोजगार गारंटी, टिकाऊ अधोसंरचना, आय विविधीकरण तथा पारदर्शिता एवं डिजिटल प्रबंधन जैसी चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
नई योजना के तहत अब ग्रामीणों को 100 दिनों के बजाय 125 दिन रोजगार मिलेगा। यदि 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रहेगा। मजदूरी भुगतान को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा। जल संरक्षण, चेक डैम, तालाब, ग्रामीण सड़कें, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल अधोसंरचना, ग्रामीण हाट, कोल्ड स्टोरेज, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को भी योजना में प्राथमिकता दी गई है।
जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी निकिता मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। योजना के शुभारंभ के अवसर पर 2 जुलाई से जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ स्थायी विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है।