जंगल की आग से आदिवासी डेरा में तबाही, 12 घर जलकर राख
दतिया शहर के वार्ड क्रमांक-1 स्थित आदिवासी डेरा शनिवार को भीषण आग की चपेट में आ गया। जंगल से उठी आग तेज हवा के चलते देखते ही देखते बस्ती तक पहुंच गई और करीब 12 घर जलकर राख हो गए। आग इतनी भयावह थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घरों में रखा राशन, कपड़े, नकदी, जरूरी दस्तावेज और वर्षों से जुटाई गई गृहस्थी कुछ ही देर में खाक हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद ना तो डायल 112 समय पर पहुंची और ना ही दमकल विभाग की टीम। स्थानीय लोगों के मुताबिक दमकल रात करीब 10 बजे मौके पर पहुंची, तब तक आग पूरी बस्ती में तबाही मचा चुकी थी। रविवार सुबह मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि कई घरों में अब भी आग सुलग रही थी। जले हुए मकानों के बीच लोग अपने सामान के अवशेष तलाशते नजर आए, जबकि कई पिंजरों में बंद पक्षी भी आग में जिंदा जल गए।
पीड़ित विकलांग महिला माया आदिवासी ने बताया कि उसकी बेटी की शादी तय थी और वह वर्षों से शादी के लिए सामान और पैसे जुटा रही थी, लेकिन आग ने सब कुछ खत्म कर दिया। वहीं बलवंत आदिवासी ने बताया कि आग पहले जंगल में लगी थी, जो धीरे-धीरे पूरी बस्ती में फैल गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन पानी और संसाधनों की कमी के कारण सफलता नहीं मिली। क्षेत्र में बिजली न होने से निजी बोरवेल भी चालू नहीं हो सके। फिलहाल प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और प्रशासन से मुआवजा व राहत सहायता की मांग कर रहे हैं।