Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बिहार केNalanda जिले के नगरनौसा स्थित एक मध्य विद्यालय में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद 50 से ज्यादा बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को छोले-चावल परोसे गए थे, लेकिन खाना खाने के कुछ ही मिनटों बाद कई छात्रों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और बेहोशी की शिकायत होने लगी। अफरा-तफरी के बीच बच्चों को तुरंत नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और चांदी रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते हीAmit Kumar Patel समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
5वीं कक्षा की छात्रा अमृता ने दावा किया कि उसकी प्लेट में छोले की सब्जी के बीच एक दवा की गोली मिली थी। छात्रा के मुताबिक उसने अन्य बच्चों को चेतावनी देने की कोशिश की, लेकिन तब तक ज्यादातर बच्चे खाना खा चुके थे। बताया जा रहा है कि खाना खाने के 10 से 15 मिनट के भीतर बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। हैरानी की बात यह रही कि मिड-डे मील नियमों के अनुसार भोजन पहले शिक्षकों द्वारा चखा जाना चाहिए था, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बाद में जब एक शिक्षक अमरेश ने वही खाना खाया तो उनकी तबीयत भी बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने भोजन सप्लाई करने वाले NGO के खिलाफ नारेबाजी की और खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। स्कूल की प्रधानाचार्यRajni Kumari ने बताया कि बच्चों की हालत बिगड़ते ही उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों ने डॉक्टरों को बच्चों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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