Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश सरकार सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की तैयारी में है। करीब 5.50 लाख कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद यह जिम्मेदारी एमपीएसईडीसी को सौंपी गई है। इसके तहत मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल और राजधानी स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों में पहले चरण में नई व्यवस्था लागू होगी। बाद में इसे कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों तक बढ़ाया जाएगा।
नए सिस्टम में कर्मचारी के पंच करते ही उसकी उपस्थिति सीधे केंद्रीय सर्वर पर दर्ज हो जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की मौजूदगी रियल टाइम मॉनिटर होगी। यदि कोई कर्मचारी अपनी सीट से लंबे समय तक अनुपस्थित रहता है, तो सिस्टम अपने आप ‘शॉर्ट लीव’ या ‘हॉफ डे’ दर्ज कर देगा। यह सॉफ्टवेयर यह भी बताएगा कि कर्मचारी कार्यालय में है या फील्ड ड्यूटी पर। इसके लिए विभागों में नई मशीनें लगाने और वेंडर चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
सरकार कर्मचारियों से जुड़े दो पुराने नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर रही है। ‘दो ही बच्चे अच्छे’ वाले नियम को हटाने पर सहमति बन चुकी है, जिससे दो से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई का खतरा खत्म हो सकता है। वहीं, नए सिविल सेवा आचरण नियमों में कर्मचारियों को सालभर में अपनी एक महीने की सैलरी तक के गिफ्ट लेने की छूट देने पर विचार हो रहा है। हालांकि सरकार गिफ्ट और निवेश को कमाई का जरिया बनाने वालों पर सख्ती के लिए भी नए प्रावधान तैयार कर रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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