Patrakar Priyanshi Chaturvedi
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के सोने को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को पूरी तरह भ्रामक और बेबुनियाद बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार मंदिरों के सोने के भंडार को मॉनेटाइज करने या उसके बदले गोल्ड बॉन्ड जारी करने जैसी किसी योजना पर काम नहीं कर रही है। साथ ही मंदिरों के शिखरों और दरवाजों पर लगी सोने की परतों को “स्ट्रैटेजिक गोल्ड रिजर्व” घोषित करने की खबरों को भी गलत बताया गया है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल सरकारी वेबसाइट, प्रेस रिलीज और अधिकृत स्रोतों से जारी जानकारी को ही सही मानें।
दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सोने की खरीद एक साल तक टालने और विदेश यात्राएं सीमित करने की अपील की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर मंदिरों के सोने को लेकर कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं। अब वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि धार्मिक संस्थानों के सोने को लेकर सरकार की ओर से कोई नई योजना या प्रस्ताव नहीं लाया गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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