Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अभिषेक मनु सिंघवी का नाम देश के प्रमुख संवैधानिक वकीलों और सक्रिय राजनेताओं में लिया जाता है। राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बार फिर वह चर्चा में हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके पिता Laxmi Mall Singhvi एक प्रसिद्ध कानूनविद होने के साथ-साथ Bharatiya Janata Party के राज्यसभा सांसद भी रह चुके थे। इसके बावजूद अभिषेक मनु सिंघवी ने Indian National Congress का दामन थामा और पार्टी के प्रमुख कानूनी चेहरों में शामिल हो गए।
राजनीतिक गलियारों में माना जाता है कि सिंघवी को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने में Madhavrao Scindia की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने उन्हें Sonia Gandhi से परिचित कराया। इसके बाद कांग्रेस में उनकी पकड़ मजबूत होती गई। हाल के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें Telangana से उम्मीदवार बनाया, जहां वे निर्विरोध निर्वाचित हुए। इससे पहले 2024 में उन्हें Himachal Pradesh से राज्यसभा भेजने की कोशिश हुई थी, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील के तौर पर सिंघवी कई बार विपक्षी नेताओं के लिए ‘संकटमोचक’ साबित हुए हैं। Rahul Gandhi की संसद सदस्यता बहाल कराने से लेकर Arvind Kejriwal, Hemant Soren और Abhishek Banerjee जैसे नेताओं के मामलों में अदालत में पैरवी कर उन्होंने विपक्ष को कानूनी राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि 2012 में एक कथित सीडी विवाद के कारण उन्हें पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़कर अपनी राजनीतिक और पेशेवर स्थिति फिर मजबूत कर ली।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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