खामेनेई के बाद ईरान में सत्ता संघर्ष तेज, नेतृत्व को लेकर बढ़ी अनिश्चितता
Iran

 

अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान की राजनीति में अस्थिरता बढ़ती दिखाई दे रही है। देश के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हालिया मौत के बाद नेतृत्व को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। करीब 36 वर्षों तक ईरान की सत्ता पर मजबूत पकड़ रखने वाले खामेनेई के रहते आंतरिक मतभेद सार्वजनिक रूप से कम ही सामने आते थे, लेकिन अब विभिन्न संस्थाओं और नेताओं के बीच मतभेद खुलकर दिखने लगे हैं। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं है कि युद्ध के दौरान अंतिम फैसले लेने की असली शक्ति किसके पास है।

इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा था कि जब तक उनकी जमीन से ईरान पर हमला नहीं होगा, तब तक ईरानी सेना भी हमला नहीं करेगी। इस बयान का विरोध आईआरजीसी और कई धार्मिक नेताओं ने किया। धार्मिक नेता Hamid Rasaei ने इसे कमजोर और गैर-पेशेवर बताते हुए अंतरिम परिषद को खत्म कर जल्द नए नेता के चयन की मांग की। वहीं सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Ali Larijani ने कहा कि जहां से ईरान पर हमला होगा, वहां जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के संविधान के अनुसार तीन सदस्यीय अंतरिम नेतृत्व परिषद बनाई गई है। इसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, न्यायपालिका प्रमुख Gholam-Hossein Mohseni-Ejei और धार्मिक विद्वान Alireza Arafi शामिल हैं। यह परिषद तब तक शासन संभालेगी जब तक Assembly of Experts नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन लेती। हालांकि मौजूदा युद्ध की स्थिति में कई बड़े सैन्य और सुरक्षा फैसले अलग-अलग शक्तिशाली संस्थाओं और सैन्य इकाइयों के प्रभाव में लिए जा रहे हैं।

 
Priyanshi Chaturvedi 8 March 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.