विशेष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अप्रैल, रविवार को 31वीं बार मन की बात के तहत देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' से पहले लोगों के सुझाव व जानकारियां देख सुखद अनुभूति होती है। सलाह देना, सुझाव देना हमारे स्वभाव में है। समाज के लिए कुछ कर गुजरने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। गर्मी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा मार्च-अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी हो रही है। ज्यादातर लोगों ने गर्मी से जुड़े हुए सुझाव दिए हैं। इस गर्मी में सामूहिक रूप से पशु-पक्षियों को बचाने का प्रयास होना चाहिए। गर्मियों में कई लोगों ने पक्षियों की चिंता की है। जलवायु परिवर्तन आज की बड़ी समस्या है। 2022 तक देश को आगे ले जाने का संकल्प लें। मन की बात में युवाओं की सोच में तेजी से आते बदलाव पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने कहा युवा आराम तलब जिंदगी पसंद कर रहे हैं। उन्हें अपने जीवनशैली को बदलना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि गरीब बच्चों के साथ खेल का आनंद लीजिए। गर्मी की छुट्टियों में नए प्रयोग कीजिए। अॉउट अॉफ बॉक्स सोचें युवा। युवा देश की विविधता को जानें। दुनिया को देखने-समझने से सीखने को मिलता है। युवा यात्रा करें और अपने अनुभव को लिखें.. साझा करें। घूमने के दौरान फोटो फोटो खींचें और उसे #IncredibleIndia के साथ शेयर करें। टेक्नोलॉजी से दूर, खुद के साथ समय गुजारने का प्रयास करें, संगीत का कोई वाद्ययंत्र सीखें या कोई नई भाषा के 50 वाक्य सीखें। आगे पीएम मोदी ने वीआईपी कल्चर पर कहा कि इसके प्रति देश में नफरत का माहौल है। लोगों के दिमाग से भी लाल बत्ती जानी चाहिए। वीआईपी कल्चर सामान्य लोग पसंद नहीं करते। लेकिन ये इतना गहरा है इसका मुझे अभी-अभी अनुभव हुआ। न्यू इंडिया में वीआईपी की जगह ईपीआई (EVERY PERSON IS IMPORTANT) को महत्व देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में नई व्यवस्था के बाद अब कितना भी बड़ा शख्स हो, लाल बत्ती का प्रयोग नहीं कर सकेगा। 1 मई को मनाए जाने वाले श्रमिक दिवस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि श्रमिकों को बाबा साहेब ने सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा भारत में हमेशा 'सबका साथ-सबका विकास' इसी मंत्र को ले कर आगे बढ़ने का प्रयास किया गया है। भारत सरकार कल 1 मई को 'संत रामानुजाचार्य' जी की स्मृति में एक डाक टिकट जारी करने जा रही है। इस साल हम सवा सौ करोड़ देशवासी सामाजिक एकता और संगठन में शक्ति है, इस भाव को जगाने के लिये संत रामानुजाचार्य जी की 1000वीं जयंती मना रहे हैं। पिछली बार मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने मन की बात के पिछले संस्‍करण में कहा था कि 125 करोड़ भारतवासी चाहते हैं कि भारत में बदलाव आए। उन्होंने कहा था 'न्यू इंडिया' कोई सरकारी योजना नहीं है, यह 125 करोड़ भारतीयों का सपना है। उन्होंने कहा हर भारतीय नागरिक के छोटे-छोटे और मजबूत कदमों से एक नए और बदले हुए भारत की कल्पना को साकार किया जा सकता है। गौरतलब है कि पीएम मोदी मन की बात कार्यक्रम में आम आदमी से जुड़े अहम मुद्दों को उठाते हैं। इसके लिए पीएम मोदी की तरफ से देश की जनता से विषय और सुझाव देने की अपील भी की जाती है। आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं। पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं।  

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Dakhal News 30 April 2017

चीन के दक्षिण चीन सागर में विस्तार को लेकर चिंताओं के बीच बीजिंग ने अपने पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत का जलावतरण किया है जो यूक्रेन से खरीदे गए मौजूदा पोत के साथ शामिल होगा. इससे बीजिंग की सैन्य क्षमताओं में भी बढ़ोतरी होगी. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार ‘चीन शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन’ (सीएसआईसी) के पूर्वोत्तर डालियान शिपयार्ड में प्रक्षेपण समारोह के दौरान 50,000 टन के इस नए विमानवाहक पोत को सूखे डॉक से पानी ने स्थानांतरित किया गया. चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह चीन का दूसरा विमानवाहक पोत है, जिसका अभी नाम नहीं रखा गया है. जहाज को लियाओनिंग, डालियान शिपयार्ड से पास के तट पर लाया गया था. विमानवाहक पोत कथित तौर पर लियाओनिंग से ज्यादा उन्नत होगा, जो 25 वर्ष पूर्व निर्मित किया गया यूक्रेन से खरीदा नवीनीकृत सोवियत जहाज है. चीन ने अपने दूसरे विमानवाहक पोत का निर्माण कार्य नवंबर 2013 में शुरू किया था. डॉक का निर्माण मार्च 2015 में शुरू हुआ था. हालांकि विमानवाहक पोत के वर्ष 2020 से पहले पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना नहीं है. शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने कहा कि विमानवाहक को पानी में उतारना चीन की स्वदेशी विमानवाहक पोत डिजाइन एवं निर्माण करने की प्रक्रिया को रेखांकित करता है.

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Dakhal News 26 April 2017

राजनीति

कांग्रेस आलाकमान द्वारा दिग्विजय सिंह को गोवा और कर्नाटक के प्रभारी पद से हटाए जाने के बाद मध्यप्रदेश में भी उनका विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी का कहना है कि दिग्विजय‍ सिंह मध्यप्रदेश का प्राण भी छोड़ें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम का चेहरा घोषित करें और दिग्विजय को तमिलनाडू भेजा जाए। दिग्विजय सिंह को गोवा और कर्नाटक के प्रभारी पद से हटाए जाने पर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने तो यहां तक कह दिया कि 'अच्छा हुआ, अब वे मध्यप्रदेश से भी बाहर भेजे जाएं।' गौरतलब है कि गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 40 में 17 सीटे मिली थी। लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने बाद भी वह सरकार बनाने में असफल रही। इस दौरान गोवा में कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया था कि दिग्विजय की वजह से ही पार्टी सरकार नहीं बना पाई। इसके बाद अब एमपी में भी उनका विरोध शुरू हो गया है।  

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Dakhal News 30 April 2017

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया दी है. समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार को लेकर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. अन्ना ने कहा है कि पार्टी की कथनी और करनी में फर्क है जिससे उसकी हार हुई. आम आदमी पार्टी से लोगों का भरोसा टूटा है. सादगी का वादा करके गाड़ी-बंगले ले लिए. एमसीडी में आप की हार का मुझे दुख हुआ है. अन्ना हजारे ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल ने मेरी बात सुनी होती तो उन्हें चुनाव में हार नहीं मिलती. लोकपाल बिल के लिए केजरीवाल के साथ मिलकर आंदोलन चलाने वाले अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने कई बार केजरीवाल को संदेश देने की कोशिश की. अन्ना ने कहा कि मैंने केजरीवाल को संदेश दिया था कि दिल्ली के लोगों ने आप पर भरोसा जताया है तो लोगों के विकास के लिए कार्य करो. पूरे देश दिल्ली के विकास का रोड मॉडल बनाओ, लेकिन अरविंद ने मेरी नहीं सुनी. अन्ना ने केजरीवाल को मिलती लगातार हार पर कहा कि केजरीवाल ने पहले लोकसभा चुनाव लड़ा, फिर पंजाब में लड़ा, इसके बाद गोवा में भी हाथ आजमाने पहुंच गए. लेकिन अरविंद ये सब करते हुए दिल्ली को भूल गए. सत्ता ऐसी चीज है कि एक बार कुर्सी मिल जाए तो सिर्फ सत्ता ही दिखती है. अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कहने और करने में बहुत अंतर है. उन्होंने दिल्ली की जनता से जो कहा था वो पूरा नहीं किया. अन्ना ने कहा कि हार के बाद ईवीएम पर दोष मढ़ना गलत है. आम आदमी पार्टी द्वारा हार की ठीकरा ईवीएम मशीन पर फोड़े जाने पर अन्ना ने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा था कि जिन लोगों को ईवीएम मशीन पर संदेह है वो आएं और अपना हमें बताएं. इन्हें भी चुनाव आयोग के सामने जाना चाहिए था और अपनी शिकायत रखनी चाहिए थी.

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Dakhal News 26 April 2017

मीडिया

समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया अखिलेश यादव ने कल एक पत्रकार पर गम्भीर टिप्पणी करने के मामले पर सफाई देते हुए कहा कि पत्रकार ने जो सवाल किया था, वह अच्छा नहीं था. वह सवाल पूछने वाले पहले सपा का संविधान पढ़ें. अखिलेश ने कल एक वरिष्ठ टीवी संवाददाता पर तल्ख टिप्पणी के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा ‘देखिये, पत्रकार ने जो सवाल किया था, वह अच्छा नहीं था. वह कुछ जानते ही नहीं हैं मेरे बारे में. एक वरिष्ठ पत्रकार ने मुझसे कहा कि आपके घर का झगड़ा टीवी चैनलों पर बहुत ज्यादा चल गया, जिसकी वजह से चुनाव में सपा की हार हुई.’सपा प्रमुख ने कहा ‘अरे, क्या आपको मेरा ही घर मिला था. मैं नहीं चाहता कि कोई सवाल बार-बार पूछा जाए. आखिर किसके परिवार में झगड़ा नहीं होता है.’ हालांकि उन्होंने माना कि परिवार में रार भी पार्टी की हार का एक कारण है. इस सवाल पर कि सपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक शिवपाल सिंह यादव कह रहे हैं कि अखिलेश को चुनाव के बाद अपने वादे के मुताबिक सपा अध्यक्ष पद छोड़ देना चाहिये, उन्होंने कहा ‘आप हमारी पार्टी का संविधान पढ़ लें, चुनाव आयोग का संविधान पढ़ लें, फिर सवाल करें.’ हालांकि कल इसी सवाल पर अखिलेश ने एक टीवी चैनल के वरिष्ठ संवाददाता पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था ‘तुम्हारे जैसे लोगों की वजह से ही देश बरबाद हो रहा है.’ बहरहाल, अखिलेश ने आज भी मीडिया पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में होने वाली किसी भी घटना की खबर को टीवी पर उनकी तस्वीर के साथ दिखाया जाता था. ‘क्या अब आप में से किसी की हिम्मत है कि मौजूदा मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) की तस्वीर लगाकर खबर दिखा दे.’उन्होंने कहा कि सहारनपुर में दंगा हुआ, इलाहाबाद में एक परिवार की हत्या की गयी और प्रतापगढ़ में एक वकील का कत्ल हो गया. क्या ये खबरें मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ दिखायी गयीं?

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Dakhal News 26 April 2017

 विक्रमराव बोले इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट के  सम्मेलन में  आंध्रप्रदेश के विशाखापट्नम में इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट(IFWJ) के 126 वे वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई । इस बैठक के मुख्यतिथि भारत सरकार में केंद्रीय स्टील मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह  और हरियाणा की विधायक श्रीमती प्रेमलता सिंह  थी। बैठक  की अध्यक्षता फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. विक्रमराव ने की । इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो से आये पत्रकारो ने हिस्सा लिया।साथ ही पत्रकारों को अपने कार्य के दौरान हो रही दिक्कतों पर मंत्री बीरेंद्र सिंह  का ध्यान आकर्षित कराया, चर्चा के दौरान पत्रकारो की सुरक्षा के विषय में अतिशीघ्र कानून पास कराने के लिए अपनी मांग मंत्री  के सामने रखी और प्रधानमंत्री तक पत्रकारो की बात पहुँचाने के लिए भी कहाँ जिस पर मंत्री बीरेंद्र सिंह  ने आश्वासन दिया।  तमिलनाडु के पत्रकारों ने पुरे देश में पत्रकारों को टोल प्लाजा में छूट देने की मांग की जिसपर मंत्री ने शीघ्र नितिन गड़करी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से बात कर पत्रकारो को राहत देने की बात कही । देश के विभिन्न राज्यो से आये पत्रकारों ने इस कार्यक्रम में अपनी -अपनी बात रखी, मुख्यअतिथि ने देश के चौथे स्तभ को  मजबूत बताया और कहाँ की आप सब की जागरूकता से ही सरकार बेहतर कार्य कर पा रही है । कार्यक्रम के अंत में सभी राज्यो की इकाइयों ने मुख्यतिथि को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित गया । वर्किंग कमेटी के दूसरे सत्र की बैठक पाढ़ेरु में रखी गई थी, जहां पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की बात पर सभी राज्यो की मांगों को देखते हुए सभी की राय लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के.विक्रमराव ने कहाँ की शीघ्र ही देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से समय लेकर  पत्रकार सुरक्षा सबंधी मांगपत्र लेकर फेडरेशन उनसे मिलेगा और कानून बनाने की मांग करेगा अगर हमारी मांग पर कोई हिला-हवाला किया गया तो IFWJ  में अपने हजारों सदस्यों के साथ  दिल्ली कूच करेगा और आर-पार, की लड़ाई पत्रकारो के हित के लिए सरकार से लड़ेगी । इस कार्यक्रम में फेडरेशन के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी,सभी प्रदेशों के अध्यक्षो के साथ उत्तर प्रदेश व  बिहार,दिल्ली,हरियाणा,मध्यप्रदेश,केरला, तमिलनाडू, आसाम,राजस्थान,काश्मीर,महाराष्ट्र,ओडिशा,तेलंगाना सहित अन्य राज्यो के पत्रकारो ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया । पत्रकार साथी कार्यक्रम में शामिल हुए । कार्यक्रम के समापन अवसर पर आंध्रप्रदेश के अध्यक्ष वीरभद्र राव ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए देशभर से आये सभी पत्रकारो का आभार व्यक्त किया ।   

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Dakhal News 24 April 2017

समाज

'ग्रामोदय से भारत उदय' अभियान में इन दिनों गाँव-गाँव में ग्रामसभा, ग्राम संसद तथा कृषि संसद आयोजित हो रही है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले की ब्यावरा तहसील के ग्राम मऊ की कृषि संसद में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाँव और किसानों के सर्वांगीण विकास से ही प्रदेश विकसित होगा । उन्होंने सुठालिया में 7 करोड़ से ज्यादा की लागत की जल आवर्द्धन योजना और सुठालिया में 2 करोड़ 69 लाख की लागत के बैराज निर्माण का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 91 करोड़ से ज्यादा की लागत की बाँकपुरा सिंचाई परियोजना, एक करोड़ 30 लाख की लागत के सुठालिया के 30 बिस्तरीय सामुदायिक अस्पताल और पार्वती नदी पर 5 करोड़ 42 लाख रूपये लागत के पुल का लोकार्पण किया । मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये सरकार ने खेती की लागत घटाने तथा फसलों का बेहतर मूल्य किसानों को दिलाने की पुख्ता व्यवस्था की है । उन्होंने कहा कि ग्राम संसद और ग्राम सभा की बैठक में सम्पन्न और सक्षम ग्रामीणों को स्वेच्छा से अपने नाम गरीब परिवारों की सूची से कटवाना चाहिए । उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की बैठक में हितग्राहियों का सर्वसम्मति से चयन हो, तो अपात्र व्यक्तियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिलना स्वत: ही रूक जायेगा । मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से कहा कि खेती के परंपरागत तरीके छोड़कर आधुनिक पद्धति से खेती करें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि अगले पाँच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी हो जाये। उन्होंने किसानों को उन्नत पशु पालन और मुर्गी पालन करने की भी सलाह दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों से कहा कि प्रदेश सरकार सबको आवास उपलब्ध करवाने के लिये मदद दे रही है। गरीबों को स्वयं का आवास निर्माण करने के लिये लगभग रूपये 1.20 लाख की मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राजगढ़ जिला प्रशासन की पहल “बैंक सखी” की सराहना की जिसके तहत बैंक सखियों के माध्यम से सरकारी योजना पेंशन, मनरेगा मजदूरी के छोटे-छोटे भुगतान हितग्राहियों को नगद दिलाये जा सकेंगे। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि राजगढ़ जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनायें। मुख्यमंत्री हर गाँव में तालाब निर्माण के लिये उचित स्थान का चयन कर सिंचाई सुविधा में वृद्धि करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राजगढ़ ब्यावरा क्षेत्र सूखे के लिये पहचाना जाता है। इस क्षेत्र को सिंचिंत और हरा-भरा करने के लिये मोहनपुरा और कुडलपुर बाँध, रिंसी पार्वती जैसी सिंचाई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम मऊ में हायर सेकेण्ड्री स्कूल, सुठालिया में कन्या हायर सेकेण्ड्री स्कूल तथा उसके लिये नया भवन स्वीकृत करने की घोषणा की । उन्होंने ग्राम मऊ के शिव मंदिर के पास सामुदायिक भवन और सुठालिया नगर पंचायत क्षेत्र के विकास के लिये एक करोड़ रूपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।कार्यक्रम में सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक श्री नारायण सिंह पवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गुर्जर सहित विभिन्न जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

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Dakhal News 30 April 2017

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के लिये ऐसी व्यवस्था की जायेगी कि यह दोनों योजनाएँ हमेशा संचालित हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कन्या विवाह-निकाह योजना में दाम्पत्य सूत्र में बँधने वाली नव-वधुओं को स्मार्ट फोन के लिये 3-3 हजार चेक पृथक से दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री आज सीहोर जिले के बुधनी विकासखण्ड के बान्द्राभान में पतई वाले गुरूदेव की प्रेरणा से अक्षया तृतीया पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में 232 कन्याओं का विवाह और एक कन्या का निकाह हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद और समारोह में उपस्थित सभी लोगों को परशुराम जयंती की शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समारोह स्थल पर पहुँचने पर अपने स्वागत से इंकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि - 'बेटियों की शादी है, मैं तो घराती हूँ। बारातियों का स्वागत करूँगा।' उन्होंने दूल्हों से कहा कि 'मेरी भाँजियों का ध्यान रखना, नहीं तो मामा से लड़ाई हो जायेगी।' समारोह को जिला प्रभारी और प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह एवं वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। समारोह में राम जन्म भूमि न्याय के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी आत्मानंद सरस्वती, मार्कफेड के अध्यक्ष श्री रमाकान्त भार्गव, विधायक श्री विजयपाल सिंह, सलकनपुर देवी धाम ट्रस्ट अध्यक्ष श्री महेश उपाध्याय सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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Dakhal News 30 April 2017

पेज 3

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के आजकल बुरे दिन चल रहे हैं। एक के बाद एक फ़्लॉप फ़िल्में और जस्टिन बीबर के शो के लिए कैलाश खेर- अरमान मलिक की खरी-खरी सुनने के बाद अब उनके हाथ से 'नच बलिए 8' में जज की कुर्सी चली गई। खबरों के मुताबिक सोनाक्षी को अपने बिजी शेड्यूल और अपने वर्क कमिटमेंट की वजह से उन्हें दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। खबर है कि जल्द ही नच 'बलिए सीजन 8' में सोनाक्षी की जगह मलाइका अरोड़ा जज की भूमिका में नजर आने वाली हैं। पति अरबाज़ के साथ अलगाव की खबरों के बाद पहली बार मलाइका किसी डांस रियलिटी शो में नजर आएंगी। मलाइका 'नच बलिए' के अलावा 'झलक दिखला जा' और 'इंडियाज गॉट टैलेंट' जैसे रियलटी शो जज कर चुकी हैं। इस बार मलाइका शो के जज पैनल में मोहित सूरी और टैरेंस लूईस को सोनाक्षी की जगह ज्वाइन करेंगी। सोनाक्षी की बात करें तो उनका शो छोड़ने का कारण है कि वो सलमान के साथ ऑस्ट्रेलिया में उनके द-बैंग टुअर पर हैं। इस टुअर के तुरंत बाद सोनाक्षी, ऋतिक रोशन के साथ साउथ अफ्रीका अपने इंटरनेशनल टुअर के लिए रवाना होंगी।  

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Dakhal News 26 April 2017

  प्रसिद्ध फिल्म निर्माता व अभिनेता काशीनाधुनी विश्वनाथ को 2016 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा। भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े पुरस्कार को हासिल करने वाले वह 48वें फिल्मकार हैं। इसमें स्वर्ण कमल के साथ एक शाल व दस लाख रुपये दिए जाते हैं। उन्हें यह सम्मान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 3 मई को दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदान करेंगे। 87 वर्षीय फिल्मकार को यह पुरस्कार देने की घोषणा दादा साहब फाल्के अवार्ड समिति की सिफारिश पर सूचना व प्रसारण मंत्री एम वैंकेयानायडू ने की। काशीनाधुनी विश्वनाथ पांच राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। 1965 से लेकर अब तक उन्होंने 50 फिल्मों का निर्माण किया। उनकी ज्यादातर फिल्में सामाजिक विषयों पर आधारित हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उनकी फिल्म स्वाति मुथयम को 59वें एकेडमी अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म के तौर पर शामिल किया गया था।उन्हें अभी तक पद्मश्री, पांच राष्ट्रीय, 20 नंदी व दस फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। इसमें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड शामिल है।  

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Dakhal News 24 April 2017

दखल क्यों

उमेश त्रिवेदी  'आग लगी है हिम-शिखरों पर, धधक रहा उत्‍तुग हिमालय...कश्मीर की घाटी में अब केशर नही, आग उगती है...।'  वीर-रस की भावनाओं से ओतप्रोत कविता की ये पंक्तियां 1965 के भारत-पाकिस्तान युध्द के दरम्यान मालवा के विभिन्न हिस्सों में होने वाले कवि सम्मेलनों में सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए जोश-खरोश के साथ गूंजती रहती थी। उस वक्त कश्मीर की क्यारियों में केशर की चिंगारियां पाकिस्तान की तबाही का प्रतीक थीं। भारत-पाकिस्तान युध्द के पचास साल बाद, आज भी कश्मीर में केशर की क्यारियों से चिंगारियां चटक रही हैं, लेकिन फिलवक्त इनकी तपन से खुद कश्मीर का चेहरा झुलस रहा है..। और, भारतीय सेना कश्मीर में आतंकियों की तमाम साजिशों को नेस्तनाबूद करने के बावजूद व्याकुल और बेचैन है।  यह बेचैनी कश्मीर में सेना के सर्वोच्च कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु के संडे-एक्सप्रेस के साथ इंटरव्यू में भी झलक रही है। संधु का कहना है कि कश्मीर में सुरक्षा बलों को गोलियों के माध्यम से युध्द जीतने के बजाय दिमाग की लड़ाई को जीतना होगा...।  कश्मीर में आतंकवादियों को मिलने वाला समर्थन और संरक्षण चिंता का विषय है। कट्टरता का विस्तार खतरे के निशान तक पहुंच चुका है। युवाओं को तंजीमों (आतंकी-संगठनों) से जुड़ने से रोकने के लिए मनोवैज्ञानिक-युध्द की रणनीति बनाना होगी। जुलाई 2016 में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद स्थानीय युवाओं का रुझान आतंकवाद की ओर बढ़ा है। पिछले साल 100 से ज्यादा लोगों ने आतंकवाद का रास्ता अपनाया। 2017 में 13 स्थानीय लोग आतंकवाद से जुड़े हैं। कश्मीरी युवाओं की आंखों में सुनहरे सपने संजोने की जरूरत है। कश्मीर के सरोकारों और संवेदनाओं को सहलाते हुए हर तबके से संवादों को मुकम्मल करना होगा। संवेदनाओं के मर्म की ढाल युद्ध के धर्म को नैतिकता प्रदान करेगी।   घाटी के बिगड़ते हालात को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन की सरकार बनाने के निर्णय भाजपा की अपनी ही 'कथनी और करनी' के खिलाफ खतरों से भरपूर 'राजनीतिक-प्रयोग' था। कश्मीर-घाटी में भाजपा-पीडीपी का यह 'राजनीतिक-प्रयोग' लगभग असफल होता दिख रहा है। दो साल पुरानी गठबंधन-सरकार के कार्यकाल में हालात बदतर हुए है। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बैठक में इस 'राजनीतिक प्रयोग' को मियाद और मोहलत मिल गई है। अभी कश्मीर में राष्ट्रपति शासन का संकट टल गया है। भाजपा और पीडीपी राजनीतिक-निदान की कोशिशें आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए है। कश्मीर मामलों में भाजपा के प्रभारी संगठन महामंत्री राम माधव मानते हैं कि तीन-चार महीनों में परिस्थितियां नियंत्रण में आ जाएंगी। सोमवार को दिल्ली में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने के बाद फिर दोहराया कि जहां से भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सिलसिला छोड़ा था, कश्मीर-मसले में वहीं से बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाना होगा, अन्यथा कश्मीर के हालात सुधारे नहीं जा सकेंगे। इसमें हुर्रियत नेताओं से बातचीत भी शरीक है। अटलजी ने 18 अप्रेल 2003 का 'गुड-फ्रायडे' के दिन श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में इसकी रूपरेखा रखी थी। अटलजी के भाषण को लोग 'गुड-फ्रायडे' स्पीच की संज्ञा भी देते हैं। कुछ महीने पहले संघ-प्रमुख मोहन भागवत ने भी एक कार्यक्रम कहा था कि अटलजी कुछ साल और प्रधानमंत्री रह जाते तो शायद कश्मीर का मामला सुलझ जाता। अटलजी तीन बिंदुओं को केन्द्र में रखकर संवाद करना चाहते थे। उन्‍होंने जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत के आधार पर विवाद को सुलझाने का क्रम आगे बढ़ाया था। लालकृष्ण आडवाणी को अलगाववादियों से बात करने के लिए अधिकृत किया था। कश्मीर को देश की मुख्य धारा में लाने के साथ ही पाकिस्तान से शांति-बहाली की कोशिशे भी इस फार्मूले में शरीक थीं। फारूक अब्दुल्ला भी कह चुके हैं कि कश्मीर के मामले में अटलजी की राहों पर चलने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अटलजी की कश्मीर नीति से इत्तेफाक जताते रहे हैं।  भले ही मोदी अटलजी की नीतियों से सहमत हों, लेकिन उनकी अपनी सीमाएं हैं। देश में अटलजी के प्रति स्वस्फूर्त विश्वास का माहौल था, जो कठोर हिन्दुत्व के चलते मोदी के लिए संभव नहीं है। मोदी अपनी ही लक्ष्मण-रेखाओं से घिरे राजनेता हैं। देखना दिलचस्प होगा कि अटलजी की सरकार में टूटे संवादों के सिरों को ढूंढकर नए संवादों की गांठो से जोड़ने की महबूबा मुफ्ती की मुराद कैसे पूरी हो सकेगी...?[वरिष्ठ पत्रकार उमेश त्रिवेदी भोपाल से प्रकाशित सुबह सवेरे के प्रधान संपादक हैं।]

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Dakhal News 26 April 2017

 'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा की अनुगूँज देश के कोन-कोने के साथ ही 178 देशों में भी पहुँच रही है। विश्व के पर्यावरण, जीव-जन्तु, गौ-वंश, मृदा, कृषि, जल वैज्ञानिक नर्मदा यात्रा को सतत समर्थन दे रहे हैं। साधु-संत, समाज, शासन की त्रिवेणी का अनुपम संगम यात्रा, नर्मदा तट पर पौध-रोपण, शुचिता, स्वच्छता, नशा मुक्ति, बेटी-बचाओ, नदी-गौ संरक्षण, कन्या भ्रूण हत्या, जैविक खेती आदि उद्देश्यों के साथ प्रभावी छाप छोड़ती चल रही है। यह बात राज्य गौ-पालन एवं पशु-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष और राज्य नर्मदा सेवा समिति के सदस्य महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने मण्डला जिले के ग्राम तिंदनी में सेवा यात्रा पहुँचने पर हुए जन-संवाद में कही। ग्वारी गाँव से तिंदनी पहुँचने पर श्रीमती ग्यारसी देवी ने कलश और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शैलेष मिश्रा ने ध्वज ग्रहण कर बहुसंख्य कलश-धारक महिलाओं और कन्याओं के साथ स्वागत किया। विगत 11 दिसम्बर,2016 से शुरू यात्रा का आज 127वाँ दिन है। मनुष्य ही नहीं नदियों की भी जीवनदायिनी है माँ नर्मदा स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने कहा कि बिजली, अन्न-जल देने के साथ माँ नर्मदा आज नदियों को पुनर्जीवित भी कर रही हैं। गुजरात एवं मध्यप्रदेश में करोड़ों लोगों को पेयजल, किसानों को सिंचाई और उद्योगों को बिजली देने वाली नर्मदा आज क्षिप्रा, गंभीर, पार्वती, खान, साबरमती आदि नदियों को पुनर्जीवित कर रही हैं। नर्मदा पुराण में महर्षि वेद व्यास ने लिखा है कि कलयुग में कई नदियाँ अपना अस्तित्व खो देंगी जिन्हें नर्मदा जीवन दान देगी। गंगा से प्राचीन है नर्मदा स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने कहा कि गंगा का अवतरण त्रेता युग ओर नर्मदा का अविर्भाव सतयुग में हुआ। नारायण के वरदान के अनुसार गंगा सहित सभी तीर्थ पापियों के स्नान से हुए कलुष को धोने नर्मदा में आते हैं। इसलिए नर्मदा परिक्रमा में सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है। साल में एक बार गंगा स्वयं नर्मदा में स्नान करने आती है और धवल होकर लौटती है। गंगा की भाँति नर्मदा का जल भी औषधीय गुणों से भरपूर है। ग्राम तिंदनी में पहुँचने पर स्कूली बच्चों के आकर्षक लोक-नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिलाओं, बच्चों और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 'नर्मदे हर'' जयघोष के साथ नर्मदा नदी और तट को संरक्षित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, रोजगार निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख, पाठ्य-पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक, साध्वी योगमाया, साध्वी प्रज्ञा भारती भी मौजूद थे।  

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