विशेष

  गुरुवार को भारतीय नौसेना में डीजल से चलने वाली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी को शामिल कर लिया गया। पिछले 17 सालों में ये पहली भारतीय सबमरीन है, जिसे नौसेना में शामिल किया गया है। स्कार्पीन क्लास की इस पहली पनडुब्बी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से इसकी मारक क्षमता काफी बढ़ गई है और इसे दुनिया में बेहतर माना जा रहा है। इसे मझगांव डॉक लिमिटेड ने बनाया है। इस पनडुब्बी की खासियतें जानकार आप हैरान हो जाएंगे। इसे समंदर में भारत का 'नया शार्क' कहा जा रहा है। आईएनएस कलवरी डीजल-इलेक्ट्रिक मोटर के दम पर चलती है और जैसे समंदर में शार्क अपने शिकार को बिना खबर लगे दबोच लेते ही। वैसे ही समुद्र के अंदर गहरे जाने वाली ये पनडुब्बी बिना शोर किए दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखती है। आईएनएस कलवरी की कुल लंबाई 67.5 मीटर है, वहीं उसकी ऊंचाई 12 मीटर से ज्यादा है। आईएनएस कलवरी को DCNS( French Naval Defence And Energy Company) ने मझगांव डॉक लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किया है। पानी की अंदर इसकी ताकत को देखते हुए ही इसे कलवरी नाम दिया गया है। जिसे मलयालम में टाइगर शार्क कहा जाता है। पानी के भीतर इसकी तेजी, हमला करने की क्षमता गजब की है। कलवरी का ध्येय वाक्य है 'हमेशा आगे', जो ये बताने के लिए काफी है, इसे किस सोच के साथ तैयार किया गया है। भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली 6 स्कार्पीन क्लास पनडुब्बी में से ये पहली है। भारत की दूसरी पनडुब्बियों से आईएनएस कलवरी कम शोर करती है और ये उन्नत तकनीक से लैस है। कलवरी में इंफ्रारेड और कम रोशनी में काम करने वाले कैमरे लगे हैं, जो समुद्र की सतह पर दुश्मन के जहाज को पकड़ने में माहिर हैं | आईएनएस कलवरी में दुश्मन को खोजने और उस पर हमला करने वाला पेरीस्कोप लगा है।कलवरी में एंटी- शिप मिसाइल और लंबी दूरी तर मार करने वाले टॉरपीडो भी लगे हुए हैं।  

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Dakhal News 14 December 2017

मध्यप्रदेश के 28 खिलाड़ी शिखर सम्मान से अलंकृत  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकलव्य पुरस्कार विजेताओं को शासकीय नौकरी देने, अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को बिना परीक्षा के पुलिस में उपनिरीक्षक, आरक्षक के पद पर नियुक्ति देने और अन्य शासकीय विभागों में भी ऐसी व्यवस्था करने की घोषणा की है। श्री चौहान आज भोपाल में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण समारोह 2017 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह, विधायक, गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन्दगी खेल के बिना अधूरी है। राजनीति में खेल आ जाये तो चमत्कार होता है, लेकिन खेलों में राजनीति नहीं आनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस विजन के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य हो रहा है, उसमें 2020 के ओलंपिक में भारत पदकों का रिकार्ड बनायेगा। खेलों में देश में नया इतिहास रचा जा रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें अग्रणी रहेगा। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में यह दिख रहा है। भारत की महिला हॉकी टीम में आधे खिलाड़ी मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमियों के हैं। अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के 80 खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता की, जिनमें से 46 ने पदक प्राप्त किये। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चों को खेलने-कूदने और मस्ती करने का अवसर भी दें। जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं और जो खेलना चाहते हैं, दोनों के साथ प्रदेश की सरकार है। मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाये जाने की योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेलने वाले बच्चों को भी पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। बच्चे राज्य का भविष्य हैं, उनकी हर आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि कानून बनाकर केन्द्रीय सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिये निर्धारित पदों के आरक्षण की व्यवस्था की जायेगी। खिलाड़ियों के लिये आरक्षित पद पर उम्मीदवार नहीं मिलने पर रिक्त पद अगले वर्ष की रिक्तियों में जोड़ दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि खेलों से संबंधित मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है जिसमें खेल मैदानों, अन्य सुविधाओं और प्रशिक्षकों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। श्री राठौर ने कहा कि भारत सरकार खेलों इंडिया के विजन पर कार्य कर रही है। देश में पहली बार अंडर-17 की खेल प्रतियोगिताओं का विशाल टूर्नामेंट 31 जनवरी से 8 फरवरी 2018 तक आयोजित किया जायेगा। इस टूर्नामेंट में विभिन्न विद्यालयों, फेडरेशनों और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें भाग लेंगी। खिलाड़ियों को समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिये प्रथम चरण की स्पांसरशिप भी केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। हर वर्ष देश भर से एक हजार खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये प्रति वर्ष के मान से आठ वर्ष की स्पांसरशिप दी जायेगी। विद्यालयों में आगामी ग्रीष्मावकाश से पूर्व आठ से चौदह वर्ष की उम्र की खेल प्रतिभाओं की खोज का कार्य भी किया जायेगा। उनकी शारीरिक क्षमताओं और दक्षताओं के आधार पर उनको उपयुक्त खेल का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी तरह खेल प्रतिभाओं को खोजने वाले प्रशिक्षकों को भी उचित प्रोत्साहन और सम्मान दिये जाने की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि पदक विजेता खिलाड़ी के प्रशिक्षक के लिये निर्धारित प्रोत्साहन राशि का बीस प्रतिशत हिस्सा प्रारंभिक कोच को मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया अभियान में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जा रहे है। अच्छा इंजीनियर, अच्छा डॉक्टर और अच्छा नागरिक बनाने के लिये खेल आवश्यक हैं। टीम के लिये खेलने, गिर कर उठने और हार कर जीतने की शिक्षा खेल मैदान में ही मिलती है। ऐसे गुरुओं के सम्मान और गुरु-शिष्य की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री राठौड़ ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में ही उनकी विद्यालयीन और सैनिक शिक्षा संपन्न हुई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि दिल और दिमाग में जीत हासिल करने का जज्बा ही जीत को पक्का करता है। पैरा ओलम्पियन खिलाड़ियों के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना संकल्प और कठोर परिश्रम से किया और सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज दो सौ करोड़ का बजट खेलों को उपलब्ध कराया है। इस अवसर पर रियो पैरा ओलम्पिक के पदक विजेताओं सुश्री दीपा मलिक को चालीस लाख रुपये, श्री देवेन्द्र झांझरिया को पचास लाख रुपये, मरियप्पन थंगावेलू को पचास लाख रुपये और वरुण सिंह भाटी को पच्चीस लाख रुपये तथा रियो ओलम्पिक-2016 में महिला कुश्ती में कांस्य पदक विजेता सुश्री साक्षी मलिक को पच्चीस लाख रुपये की सम्मान निधि से सम्मानित किया गया। भारतीय महिला हॉकी दल में मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की सुश्री अनुराधा देवी, पी. सुशीला चानू, रेणुका यादव तथा एल. फैली को 5-5 लाख रुपये की सम्मान निधि दी गई। वर्ष 2017 के लिये एकलव्य, विक्रम एवं विभिन्न खेल पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कुल 28 खिलाड़ियों को शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।    

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Dakhal News 5 December 2017

राजनीति

गुजरात विधानसभा के लिए वोटों की गिनती होना है। लेकिन बयानबाजी जारी है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को ट्वीट के जरिये पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोला। शाह ने तंज कसते हुए सवाल किया, 'गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पद की गरिमा का खयाल न रखने का आरोप लगाने वाले मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल में इस गरिमा को क्यों भूल गए थे? उनके प्रधानमंत्री रहते हुए लाखों करोड़ रुपये के घोटाले होते रहे, तब उन्हें गुस्सा क्यों नहीं आया?' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'आखिर उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब सोनिया गांधी ने देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री को 'मौत का सौदागर' कहा। आखिर वह भी तो संवैधानिक पद था। उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब पीएम को 'नीच' कहा गया। मनमोहन सिंह जी से ऐसी राजनीतिक की अपेक्षा नहीं थी।'शाह ने कहा, 'वह पहले भी गुजरात में प्रचार कर चुके हैं, लेकिन ऐसे गुस्से में कभी नहीं दिखे। यह उनका स्वभाव नहीं है। शायद इस बार उनके ऊपर पार्टी का दबाव कुछ ज्यादा था।'    

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Dakhal News 14 December 2017

मुंबई में  प्रवर्तन निदेशालय ने राकांपा नेता छगन भुजबल की 20.41 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति जब्त कर ली। ये संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त की गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे छगन भुजबल पर दिल्ली स्थित न्यू महाराष्ट्र सदन के निर्माण एवं मुंबई के कालीना क्षेत्र के एक निर्माण में घोटाले का आरोप है। भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय ने विगत 14 मार्च 2016 को गिरफ्तार कर लिया था। वह तभी से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। भुजबल के पुत्र एवं राकांपा विधायक पंकज भुजबल एवं भतीजे समीर भुजबल भी इसी मामले में आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छगन भुजबल ने उक्त इमारतों के निर्माण में गलत तरीके से पैसा बनाया एवं उसका निवेश फर्जी कंपनियों के जरिए करवाया गया। आयकर विभाग एवं प्रवर्तन निदेशालय इससे पहले भी भुजबल की 300 करोड़ रुपयों से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर चुका है। भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी जांच की है। फरवरी 2016 में एसीबी भुजबल सहित 17 आरोपियों के विरुद्ध 20,000 पन्नों से ज्यादा का आरोपपत्र अदालत में पेश कर चुका है। आयकर विभाग ने इस मामले में ऐसी 44 कंपनियों को चिन्हित किया है, जिन्होंने बेनामी समझी जा रही तीन में से दो कंपनियों में निवेश किया। यह उस कानून का उल्लंघन है, जो बन तो 1988 में ही गया था, लेकिन अमल में पिछले वर्ष एक नवंबर से आना शुरू हुआ है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक कठोर कारावास एवं बेनामी संपत्तियों के बाजार मूल्य का 25 फीसद तक जुर्माना हो सकता है। इन संपत्तियों की चार माह तक जांच करनेवाली आयकर विभाग की टीम का मानना है कि भुजबल परिवार द्वारा ये संपत्तियां अघोषित आय का उपयोग करके खरीदी गई हैं।  

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Dakhal News 5 December 2017

मीडिया

सैटेलाइट हिंदी न्यूज चैनल 'वीरम टीवी न्यूज 24×7' को नोएडा ऑफिस के लिए विभिन्न पदों पर अनुभवी युवक-युवतियों की शीघ्र आवयश्कता है |  चैनल में  मैनेजर 1 पोस्ट,संपादक न्यूज़ 2 पोस्ट, न्यूज़ एडिटर 6 पद , प्रोड्यूसर  6 पद ,वीडियो एडिटर 6 पद ,ग्राफिक्स एडिटर 6 पद , न्यूज़ एंकर  4 पद कम्प्यूटर ऑपरेटर 20 पद,कैमरामेन 5 पोस्ट,रिपोर्टर 5 पोस्ट,मार्केटिंग हेड 2 पोस्ट,आईटी 4 पोस्ट |  इंटर्नशिप से जुड़ने के लिए भी युवक युवतियां संपर्क कर सकते हैं... पूर्ण विवरण फ़ोटो सहित इस ईमेल पर बायोडाटा भेजें... सब्जेक्ट लाइन में पद का नाम जरूर लिखें... ईमेल पता Viramtvnews@gmail.com है |   

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Dakhal News 14 December 2017

  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 'नईदुनिया संसदीय सम्मान' 2017 समारोह में प्रदेश के 10 विधायकों (महिला और पुरुष) को सम्मानित किया गया। नईदुनिया द्वारा स्थापित यह पुरस्कार उन विधायकों को दिया जाता है जिनका विधानसभा में प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहता है। जिन विधायकों को सम्मानित किया गया है, उनमें शामिल हैं - डॉ. गोविंद सिंह (कांग्रेस), ऊषा चौधरी (बसपा), यशपाल सिंह सिसोदिया (भाजपा), शीला त्यागी (बसपा), मुरलीधर पाटीदार (भाजपा), ममता मीना (भाजपा), सुखेंद्र सिंह (कांग्रेस) और हिना कावरे (कांग्रेस)। वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया को समारोह में उत्कृष्‍ट मंत्री का सम्मान मिला। संसदीय परंपराओं के बेहतर निर्वहन और सवालों के संतोषजनक उत्तर श्रेणी में उनका चयन किया गया। विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे। वहीं अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने की। विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह कार्यक्रम के विशेष अतिथि रहे। आरंभ में नईदुनिया परिवार के सदस्यों ने अतिथियों का स्‍वागत किया। एक बड़ी स्‍क्रीन पर नईदुनिया, नवदुनिया के सामाजिक सरोकारों को प्रदर्शित किया गया। अपने संबोधन में दैनिक जागरण समूह के सीईओ व प्रधान संपादक संजय गुप्त ने कहा कि वे चाहेंगे कि अन्‍य प्रदेशों और संसद में भी उनके साथी यह कार्य आरंभ करें जो प्रेरणा बने। उन्होंने कहा कि पत्रकार होने के नाते हमने संसदीय सम्मान का बीड़ा उठाया है। अतिथियों के स्वागत की रस्म के बाद चुन गए सर्वश्रेष्‍ठ विधायकों को सम्‍मानित किया गया। मप्र विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने नईदुनिया/नवदुनिया परिवार को आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम कहते थे, हमें सपने देखना चाहिए। आप बड़े सपने देखेंगे तो ही आगे बढ़ेंगे। डॉ. कलाम को हमने बुलाया था। उनका सम्मान किया था। हम सब उनसे बड़े प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा कि सदन में उपस्थिति रहती है तो इसका सार्थक नतीजा निकलता है। जो चार महिलाएं श्रेष्ठ चुनी गई हैं, वे किसी भी विषय पर बोलने में सक्षम हैं। श्री सिंह ने कहा कि गोविंद सिंह जी काफी अनुभवी हैं। हम उन्हें ऑलराउंडर करते हैं। जहां कमी पड़े, वहां हम बल्लेबाजी करने भेज देते हैं। कई बार उनके तेवर बहुत तीखे होते हैं। श्रेष्ठ चुने गए विधायकों को भी उन्‍होंने बधाई देते हुए कहा कि जयंत मलैया बड़े ही सहज व्यक्ति हैं। लांजी विधायक हिना कावरे जब मंच पर आई तो सीएम ने कहा बहुत-बहुत बधाई बेटी। हिना के प्रभावी भाषण देने की काबिलियत की भी मंच से तारीफ की गई। हमारी तीन बहनों और एक बेटी को सम्मान मिला है। ये भी बधाई के पात्र हैं। उन्‍होंने कहा कि गोविंद सिंह जी सिर्फ सच बोलते हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जयंत भाई के हाथ में खजाना सुरक्षित है। नईदुनिया में स्वस्थ परंपरा सीएम ने कहा कि नईदुनिया में स्वस्थ परंपरा है। मुमकिन है आपने दिखाया। दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं। जनप्रतिनिधियों के सामने अपेक्षाओं का अथाह सागर होता है। बहुत उम्मीदें हैं। ऐसे में आपने सम्मानित करके मनोबल बढ़ाया है। इसके लिए नईदुनिया परिवार का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि यह हम सब का सम्मान है। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। अच्छे काम का सम्मान होने ही चाहिए। इन्होंने एक बड़ी लकीर खींची है। अपराधों के खिलाफ सामाजिक आंदोलन चले और इसमें नईदुनिया जैसे मीडिया संस्थान अहम भूमिका निभा सकते हैं। आभार प्रदर्शन नईदुनिया के वॉइस प्रेसीडेंट संजय शुक्ला ने किया। गुढ़ के विधायक सुंदरलाल तिवारी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। विधायकों का चयन विधानसभा सचिवालय द्वारा तैयार रिकॉर्ड के आधार पर ज्यूरी ने किया है। ज्यूरी ने उन विधायकों को चुना है जिन्होंने प्रश्न, ध्यानाकर्षण सूचना, विधेयक चर्चा और उपस्थिति में सर्वाधिक भागीदारी की है। संसदीय सम्मान समारोह का यह निरंतर दूसरा वर्ष है। ज्यूरी ने तय किए नाम विधानसभा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विधायकों का चयन करने के लिए नईदुनिया ने वरिष्ठ नेताओं और संसदीय विशेषज्ञों की ज्यूरी बनाई थी।इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, पूर्व विधायक शैलेंद्र प्रधान और विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव ईसराणी शामिल थे।  

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Dakhal News 5 December 2017

समाज

  हितेन्द्र भदौरिया रामकिशन बरार ग्वालियर शहर की ढ़लाननुमा बस्ती गोल पहाड़िया क्षेत्र में एक कच्ची पाटौर में अपने परिवार के साथ रहते थे। इस क्षेत्र में बरसात के मौसम में पाटौरों के धसकने की दुर्घटनायें हो चुकी थीं। तेज बारिश में जब बिजली कड़कती तो रामकिशन दम्पत्ति अपने बच्चों को सीने से लगा लेते थे। हाथ ठेला श्रमिक रामकिशन के लिये खुद का मकान तो एक सपना था। रोज सुबह 5 बजे रामकिशन अपना हाथ ठेला लेकर लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी पहुँच जाते थे। दिन भर हाड़-तोड़ मेहनत कर कारोबारियों का माल इधर से उधर पहुँचाते थे। इससे जो मजदूरी मिलती उसी से परिवार का गुजारा चलता था। रामकिशन ने एक दिन टीवी पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण में सुना कि सरकार हर जरूरतमंद को मकान मालिक बनायेगी। यहीं से उनके मन में एक उम्मीद की किरण जागी।  रामकिशन ने नगर निगम कार्यालय पहुँचकर आवास के लिये आवेदन भर दिया। एकीकृत शहरी आवास एवं गंदी बस्ती विकास योजना के तहत उनका नाम पक्के आवास के लिये चयनित हुआ। इस योजना के तहत नगर निगम ने गेंडे वाली सड़क, बकरा मंडी में एक सर्वसुविधायुक्त मल्टी का निर्माण कराया। इसी मल्टी में रामकिशन को भी एक पक्का फ्लैट मिल गया। जब रामकिशन को मकान की चाबी मिली तो पूरे परिवार में खुशियाँ छा गईं। इस फ्लैट में एक बैडरूम, ड्राइंग रूम, शौचालय और रसोई सहित सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध हैं। रामकिशन के बच्चों ने घर को सुंदर-सुंदर तस्वीरों से सजा लिया है। उनके बच्चे नजदीक के सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते हैं। पाटौर का जितना किराया देते थे, उससे भी कम किस्त मकान के लिये उन्हें अदा करनी पड़ रही है। घर की चिंता दूर हुई तो रामकिशन अब दूने उत्साह के साथ काम करते हैं। जाहिर है उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। देर शाम जब वो घर लौटते हैं तो कुछ फल और मिठाई भी लेते आते हैं। परिवार के साथ जब अपने पक्के घर में एक साथ भोजन करने बैठते हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है। रामकिशन दम्पत्ति प्रदेश सरकार को दुआयें देते नहीं थकती।

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Dakhal News 14 December 2017

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास से लालिमा रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ एनिमिया बाहुल्य ग्रामों में लालिमा योजना का सघन प्रचार-प्रसार करेंगे और जागरुकता लायेंगे। लालिमा योजना प्रदेश में किशोरी बालिकाओं और महिलाओं में एनिमिया उन्मूलन के लिये क्रियान्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि अधिक से अधिक बालिकाओं और महिलाओं को लालिमा अभियान का लाभ दिलाया जाये। इस अभियान में समाज सहयोग भी प्राप्त किया जाये। इस अवसर पर बताया गया कि लालिमा रथ प्रत्येक संभाग के एनिमिया बाहुल्य ग्रामों में भ्रमण करेंगे। जिन स्थानों पर रथ रुकेगा, वहां स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया भी उपस्थित थे।  

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Dakhal News 5 December 2017

पेज 3

  सलमान खान के साथ 'सुल्तान' जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद अब निर्देशक अली अब्बास जफर 'टाइगर जिंदा है' लेकर आए हैं। सलमान खान के साथ अपने वर्किंग एक्सपीरियंस पर बात करते हुए अली बताते हैं कि जब वह 'सुल्तान' बना रहे थे, उस वक्त सलमान को बहुत नहीं जान पाये थे। लेकिन इस बार काम करते हुए उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई और वह काफी सहज भी हो गए थे। चूंकि सलमान को फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद आ गई थी। अली फिर दोहराते हैं कि जब यह स्क्रिप्ट लिखी थी उस वक्त इसे एक था टाइगर का सीक्वल मान कर नहीं लिखा था और न ही सीक्वल बनाने की ही प्लानिंग थी। लेकिन सभी ने स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद कहा कि इसे सीक्वल का रूप क्यों नहीं दे सकते। चूंकि एक था टाइगर की जोड़ी सलमान कटरीना को फिल्म के लिए अप्रोच मैंने भी किया था। अली ने बताया कि इस फिल्म में सलमान पहली किस्त से थोड़े रिजर्व किस्म में नज़र आएंगे। इस बार दोनों एजेंट हैं और वे लोग काफी कैल्कुलेटिव होंगे। हमने इसे लेकर काफी रिसर्च की है। अली कहते हैं कि सलमान को इंडस्ट्री में 30 साल का अनुभव है और उन्हें केवल पांच सालों का ही है। ऐसे में जब सलमान को पता चल जाता है कि उन्होंने सीन को ठीक से नहीं किया है तो अली को बोलने की जरूरत नहीं होती है। खुद सलमान आगे बढ़ कर कहते हैं कि एक और टेक ले लेते हैं। अली बताते हैं कि उनके काम करने का तरीका एकदम सिंपल है। वह सलमान को हमेशा कहते हैं कि आप अपनी बॉडी पर काम करें। फिर शूट पर आयें। शूट के वक्त वह सुबह 9 से 9.30 तक वर्कआउट करके फिर शूट पर आते थे। फिर लंच के बाद वह 2 बजे आयें और फिर हम रात के 10 बजे तक भी काम करते थे। अली बताते हैं कि सुलतान के बाद इस फिल्म में भी सलमान ने पूरा डेडिकेशन दिखाया है। मुझे सलमान की यह बात पसंद है कि वह ड्रामा एक्शन में भी उतने ही नेचुरल दिखते हैं, जितने नेचुरल वह इमोशनल और रोमांटिक किरदारों में होते हैं। जब वह रोते हैं तो लोग रोते हैं। यह मैंने महसूस किया है। इसलिए वैसे इमोशनल सीन्स डालने की भी मैं हमेशा अपनी फिल्मों में कोशिश करता हूं। अली का मानना है कि सलमान की आंखों में एक अलग ही बात और स्ट्रेंथ है और वह उन्हें अपनी फिल्मों में जरूर इस्तेमाल करते हैं। अली की फिल्म टाइगर जिंदा है 22 दिसंबर को रिलीज़ होने वाली है।    

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Dakhal News 14 December 2017

एक्टर, राइटर और फिल्ममेकर नीरज वोरा की गुरुवार सुबह मौत हो गई। नीरज वोरा ब्रेन स्ट्रोक के बाद से ही पिछले सालभर से कोमा में थे। एक्टर परेश रावल ने उनकी मौत की खबर पर अफसोस जताते हुए ट्वीट किया। नीरज वोरा ने साल 2000 में रिलीज हुई सुपरहिट कॉमेडी फिल्म 'हेरा फेरी' की लिखी थी। वहीं साल 2006 में नीरज वोरा ने हेरा फेरी की सीक्वल 'फिर हेरा फेरी' डायरेक्ट की थी। इस फिल्म की स्क्रिप्ट भी उन्होंने ही लिखी थी। नीरज ब्रेन स्ट्रोक के बाद से पिछले साल अक्टूबर से ही कोमा में थे और वो हेरा-फेरी तीन पर काम कर रहे थे। इसके अलावा नीरज वोरा ने काफी सालों तक गुजराती थिएटर भी किया था। साल 1992 में उनके प्ले अफलातून पर ही आगे चलकर रोहित शेट्टी ने ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गोलमाल' बनाई थी। नीरज वोरा बेहतरीन कॉमेडियन होने के साथ स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर भी थे। नीरज ने आमिर के साथ 'मन ' और शाहरुख़ के साथ ' बादशाह ' में काम किया था। उन्होंने ' खिलाड़ी 420 ' और ' फिर हेरा फेरी ' का निर्देशन किया और ' रंगीला ' व ' चोरी चोरी चुपके चुपके ' का स्क्रीनप्ले भी लिखा।  

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Dakhal News 14 December 2017

दखल क्यों

  एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष 2017-18 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान सात फीसद से घटाकर 6.7 फीसद कर दिया है। नोटबंदी का असर अभी भी जारी रहने, जीएसटी की दिक्कतों और कृषि पर मौसम संबंधी जोखिम को देखते हुए विकास दर कम की गई है। एडीबी ने अगले वित्त वर्ष 2018-19 का भी विकास दर अनुमान घटाकर 7.3 फीसद तय किया है। पहले उसने 7.4 फीसद विकास दर की उम्मीद जताई थी। एडीबी ने यह कदम देश की विकास दर दूसरी तिमाही में बढ़कर 6.3 फीसद होने के बावजूद उठाया है। पिछली पांच तिमाहियों से रफ्तार धीमी रहने के बाद जुलाई-सितंबर तिमाही में सुधार आया था। बैंक ने एशियन डवलपमेंट आउटलुक सप्लिमेंट में कहा है कि अगले 31 मार्च 2018 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष की बाकी दो तिमाहियों में रफ्तार सुधरेगी क्योंकि सरकार जीएसटी का अनुपालन आसान करने के लिए कदम उठा रही है। बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए कदम उठाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल सुधरने से विकास को रफ्तार मिलेगी। उसका कहना है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सुस्ती रही क्योंकि नोटबंदी का असर ज्यादा समय तक बना रहा। इसके अलावा जीएसटी लागू होने से भी नई दिक्कतें पैदा हो गईं। इसके अलावा मानसून कमजोर रहने से भी कृषि क्षेत्र की विकास दर धीमी रह सकती है। अगले वित्त वर्ष में विकास की रफ्तार पर रिपोर्ट का कहना है कि अगले साल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें नई चुनौतियां पैदा करेंगी। इससे वित्तीय मोर्चे पर दिक्कतें रह सकती हैं। निजी क्षेत्र से कमजोर निवेश भी तेज रफ्तार में बाधा बनेगा। एडीबी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में महंगाई की औसत दर 2.7 फीसद पर रही। इससे कोई परेशानी नहीं है लेकिन नोटबंदी के चलते मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। इससे जहां महंगाई कम रही लेकिन विकास की रफ्तार बाधित हो रही है।  

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Dakhal News 14 December 2017

रायपुर में  मंत्री के कथित अश्लील सीडी कांड को लेकर सियासी प्याले में एक बार फिर तूफान उठ गया है। सीबीआई ने रायपुर आते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। बघेल और कथित पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ राज्य पुलिस की रिपोर्ट में एफआईआर पहले से ही दर्ज है। माना जा रहा है कि इससे भूपेश की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सीबीआई ने मंत्री की शिकायत के आधार पर ही दोनों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। इसके साथ ही सीबीआई ने भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर धारा 384, 50 (6) के तहत दूसरी एफआईआर भी दर्ज की है। सीबीआई दिल्ली की चार सदस्यीय टीम बुधवार को रायपुर पहुंची। इसमें डीएसपी स्तर के दो अधिकारी शामिल हैं। सीडी कांड की जांच करने रायपुर पहुंचे सीबीआई के डीएसपी रिचपाल सिंह और एसएस रावत के साथ दो इंस्पेक्टरों ने आईजी प्रदीप गुप्ता से मुलाकात की। फिर एसपी डा.संजीव शुक्ला, एसपी क्राइम अजातशत्रु बहादुर से मिलकर एसआईटी द्वारा अब तक की गई जांच की प्रगति की जानकारी ली। उसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक एसआईटी के साथ पुलिस कंट्रोल रूम के एक बंद कमरे में बैठक की और सीडी कांड में जुटाए गए सुबूतों पर चर्चा की। सीबीआई अफसरों ने गुरुवार को केस डायरी लेने के संकेत दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि केस डायरी का होमवर्क करने बाद विनोद वर्मा को रिमांड पर लेने के लिए सीबीआई कोर्ट में आवेदन देगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीडी कांड की अब तक हुई एसआईटी की जांच में मामले से जुड़े 50 से अधिक संदेहियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। रायपुर के अलावा दुर्ग-भिलाई के कारोबारी, कांग्रेसी नेता और रसूखदार संदेह के घेरे में हैं। हालांकि इनमें से केवल विनोद वर्मा, भिलाई के कारोबारी विजय भाटिया, एक महापौर समेत पांच लोगों के खिलाफ ही ठोस सुबूत मिलने का दावा किया जा रहा है। सीबीआई टीम के रायपुर आने की खबर से सीडी कांड से जुड़े संदेहियों और कांग्रेसियों में हड़कंप मच गया। टीवी चैनलों, ऑनलाइन प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। कांग्रेसी यह चर्चा करते मिले कि सीबीआई पहली गिरफ्तारी किसकी करेगी।  

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