विशेष

2008 के मुंबई हमलों के मास्टर माइंड हाफिज सईद ने जमायत-उल दावा की राजनीतिक विंग मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) के लिए प्रचार शुरू कर दिया। हालांकि संगठन को चुनाव आयोग ने मान्यता नहीं दी है, क्योंकि गृह विभाग से उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला है। हाफिज का कहना है कि पाक के शत्रु देश के प्रतिष्ठानों को आपस में लड़ाना चाहते हैं, जिससे उनके मंसूबे पूरे हो सकें। लाहौर से तकरीबन 400 किमी दूर स्थित हारुनाबाद में एक रैली में उनका कहना था कि हमें उनके एजेंडे को फेल करने के लिए एक रहना होगा। उनके साथ सैनिक तानाशाह रहे जनरल जियाउल हक के बेटे इजाजुल हसन भी मौजूद थे। सईद ने कहा कि पाक सरकार को अपनी भारत नीति में परिवर्तन करना चाहिए। उसने इस बात की पुष्टि की कि 2018 का आम चुनाव उनकी पार्टी एमएमएल के बैनर तले लड़ेगी। उनका दावा है कि वह पाक की आर्थिक स्थिति को सबल बनाने के लिए काम करना चाहते हैं। गौरतलब है कि सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख रहा है। अमेरिका ने उसे व उसके संगठन को प्रतिबंधित कर दिया तो उसने जमायत-उल-दावा के जरिये अपना काम काज शुरू कर दिया। अमेरिका ने उसे वैश्विक आतंकी की अपनी सूची में शुमार कर रखा है। अमेरिकी ने पिछले माह एमएमएल को भी को विदेशी आतंकी संगठन करार दिया था। उसका कहना है कि लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों ने इसका गठन किया है।  

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Dakhal News 7 May 2018

  अमेरिका में भारतवंशी महिला दीपा अंबेकर (41) को न्यूयॉर्क सिटी के सिविल कोर्ट में कार्यवाहक जज नियुक्त किया गया है। अंबेकर न्यूयॉर्क में जज बनने वाली दूसरी भारतवंशी महिला हैं। उनसे पहले 2015 में चेन्नई में जन्मीं राज राजेश्वरी को आपराधिक अदालत में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। न्यूयॉर्क के मेयर बिल दे ब्लासियो ने अंबेकर के साथ पारिवारिक अदालत के तीन जजों की दोबारा नियुक्ति की घोषणा की। ब्लासियो ने कहा, \"प्रत्येक न्यूयार्क वासी को निष्पक्ष और उचित न्याय पाने का अधिकार है। मुझे भरोसा है कि ये चारों जज सुनिश्चित करेंगे कि अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले हर शख्स को इंसाफ मिले।\" अंबेकर ने मिशिगन यूनिवर्सिटी से अंडर ग्रेजुएट डिग्री लेने के बाद रटगर्स लॉ स्कूल से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने तीन साल तक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में सीनियर लेजिस्लेटिव अटॉर्नी के तौर पर भी काम किया। भारतवंशी वकील निशा अग्रवाल (40) को न्यूयॉर्क के डिप्टी मेयर फिल थॉम्पसन का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया है। आव्रजन नीति में बदलाव की लड़ाई लड़ रहीं निशा ब्रेन कैंसर से जूझ रही हैं। निशा आव्रजन, लोकतंत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए बनाए जा रहे कार्यक्रमों में सलाहकार की भूमिका निभाएंगी।

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Dakhal News 5 May 2018

राजनीति

  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को उपराष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खबरों के अनुसार कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा और अमी हर्षाद्रे याज्ञिक ने सुप्रीम कोर्ट में उपराष्ट्रपति के इस फैसले को चुनौती दी है। अपनी याचिका में इन नेताओं ने कहा है कि एक बार सांसदों ने चीफ जस्टिस को हटाने के लिए मोशन प्रस्तुत कर दिया तो उपराष्ट्रपति के पास कोई विकल्प नहीं होता सिवाए इसके कि वो एक जांच कमेटी बनाएं जो चीफ जस्टिस के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करे। इसके साथ ही कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले की जस्टिस चेलमेश्वर के सामने अर्जेंट लिस्टिंगी की अपील की है। वहीं जस्टिस चेलमेश्वर ने इसे लेकर कहा है कि मास्टर ऑफ रोस्टर को लेकर संवैधानिक बेंच का फैसला है और ऐसे में याचिका चीफ जस्टिस के सामने पेश होनी चाहिए। इस पर सिब्बल ने कहा है कि महाभियोग प्रस्ताव खुद चीफ जस्टिस के खिलाफ है और ऐसे में सबसे वरिष्ठ जज इस याचिका की सुनवाई करे।  

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Dakhal News 7 May 2018

  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ सोमवार से 'हमर संग जोगी अभियान\" शुरू करने जा रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दो महीने में 20 हजार गांवों में पहुंचेंगे और कैम्प लगाकर सात कामों को अंजाम देंगे। इसके अलावा, पार्टी के अध्यक्ष अजीत जोगी के शपथपत्र की प्रति भी जनता तक पहुंचाई जाएगी, जो कि पार्टी का मुख्य चुनावी घोषणापत्र होगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रवक्ता सुब्रत डे ने बताया कि 'हमर संगर जोगी अभियान\" सात मई से सात जुलाई तक चलेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांवों में पहुंचेंगे। कैम्प लगाकर काबिज जमीन और घर पर सबको जोगी पट्टा देने का लिखित में वादा किया जाएगा। मोबाइल पर जॉब गारंटी का फॉर्म भेजा जाएगा। गांवों का जल इकट्ठा करके जल आरती होगी और प्रदेश के पानी पर छत्तीसगढ़ियों का पहला अकिार की शपथ ली जाएगी। बूथवार जोगी महिला वाहिनी का गठन किया जाएगा। पन्ना मितानों की बैठक ली जाएगी और बूथ जीतने की रणनीति बनेगी। सभी गांवों में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया जाएगा। गांवों की समस्याओं का संकलन करके पुलिंदा तहसील या जिला कार्यालय को सौंपा जाएगा और समस्याओं के निराकरण के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम देंगे। इस समयाि में समस्याएं दूर नहीं हुईं तो तहसील या जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा।  

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Dakhal News 7 May 2018

मीडिया

  फेसबुक डाटा लीक के बाद खड़े हुए विवाद से सीख लेते हुए सर्च इंजन गूगल ने सियासी विज्ञापनों को पारदर्शी बनाने के लिए नई नीतियों की घोषणा की है। गत माह फेसबुक ने अपनी धूमिल छवि को सुधारने के लिए कई उपाय किए थे जिसमें राजनीतिक विज्ञापनदाताओं की पहचान की सत्यता जांचना आदि शामिल था। इसी तर्ज पर तकनीक के दिग्गज गूगल ने भी अपनी विज्ञापन नीतियों में सुधार किया है। नई नीति के मुताबिक, विज्ञापन देने वाले को कंपनी के सामने यह प्रमाणित करना होगा कि वह अमेरिका के वैध नागरिक हैं। इसके लिए उन्हें सरकार द्वारा जारी आइ-डी एवं अन्य जानकारियां जमा करनी होगी। गूगल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केंट वाल्कर ने कहा, 'विज्ञापन के साथ ही उसके लिए भुगतान करने वाले का नाम सार्वजनिक करना भी अब अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त सियासी विज्ञापनों के लिए एक लाइब्रेरी भी तैयार की जा रही है। इससे यूजर खुद सियासी विज्ञापन और उसका भुगतान करने वाले का नाम सर्च कर पाएंगे।' इन सुधारों के साथ ही गूगल विशेष रूप से राजनीतिक विज्ञापनों पर केंद्रित एक 'पारदर्शी रिपोर्ट' भी जारी करने जा रहा है। इससे यह सामने आ जाएगा कि कौन-कौन से लोग सियासी विज्ञापन के लिए भुगतान कर रहे हैं और इसमें कितनी राशि खर्च की जा रही है। ऑनलाइन हमलों का शिकार होने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए गूगल ने अपने 'प्रोटेक्ट योर इलेक्शन' प्रोग्राम के तहत कई नए टूल्स भी तैयार किए हैं। वाल्कर ने बताया कि चुने गए अधिकारियों, अभियानों और कंपनी के कर्मचारियों के लिए एक सिक्योरिटी ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया जाएगा। प्रोग्राम को फंड करने के लिए कंपनी ने 'नेशनल साइबर सिक्योरिटी एलायंस' और हार्वर्ड केनेडी स्कूल के 'डिजिटल डेमोक्रेसी प्रोजेक्ट' से समझौता भी किया है।  

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Dakhal News 7 May 2018

    नोएडा से जल्द शुरू होने वाले नेशनल न्यूज़ चैनल “जनतंत्र” को युवा सहयोगियों की जरूरत है। अनुभवी से लेकर फ्रेशर्स तक आवेदन कर सकते हैं। योग्यता बस इतनी सी है कि आपके अंदर काम करने की ललक और चुनौतियों को स्वीकार करने का जज्बा होना चाहिए। जिन विभागों में योग्य मीडियाकर्मियों की आवश्यकता है वो हैं, आउटपुट, इनपुट, एंकर, असाइनमेंट, पीसीआर/एमसीआर, वीडियो एडिटर, ग्राफिक्स, आईटी और डिजिटल विंग। एंकरिंग और ग्राफिक्स के लिए आवेदन करने वाले अपनी शो-रील भी भेज दें तो बेहतर होगा। इच्छुक अभ्यर्थी अपना सीवी resume.jantantra@gmail.com पर भेज सकते हैं।

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Dakhal News 5 May 2018

समाज

  साहित्यकार एवं कवि बालकवि बैरागी को मनासा में अंतिम विदाई दी गई। शोक स्वरूप पूरा मनासा नगर बंद रहा। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। बालकवि बैरागी साहित्‍य और कविता के सा‍थ राजनीति के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। वे राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे। इस सरस्‍वती पुत्र को कई सम्‍मानों से नवाजा गया था। बैरागी का मनासा में भाटखेड़ी रोड पर कवि नगर पर निवास है। वहीं उन्होंने रविवार शाम 6 बजे अंतिम सांस ली थी। बैरागी जी की गिनती कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं में होती थी। वे मध्‍यप्रदेश में अर्जुन सिंह सरकार में खाद्यमंत्री भी रहे। उन्हें मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा कवि प्रदीप सम्मान भी प्रदान‍ किया गया। साहित्‍य और राजनीति से जुड़े रहने के कारण उनकी कविताओं में साहित्य और राजनीति की झलक देखने को मिलती है। गीत, दरद दीवानी, दो टूक, भावी रक्षक देश के, आओ बच्चों गाओ बच्चों बैरागी की प्रमुख रचनाएं हैं। मृदुभाषी और मस्‍तमौला स्‍वभाव तथा सौम्‍य व्‍यक्तित्‍व के धनी बालकवि बैरागी ने अंतरराष्ट्रीय कवि के रूप में नीमच जिले को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। बताया जाता है कि नीमच में एक कार्यक्रम में शामिल होकर वे अपने घर मनासा पहुंचे थे। वहां कुछ समय आराम करने के लिए अपने कमरे में गए। शाम करीब 5:00 बजे जब उन्हें चाय के लिए उठाया गया तो उनके निधन की खबर लगी।  

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Dakhal News 14 May 2018

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग के लिये राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय आयोग गठित करने और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने का अनुरोध किया जायेगा। पिछड़ा वर्ग के युवाओं में प्रतिभा, क्षमता और योग्यता की कोई कमी नहीं है, इन्हें शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ मुहैया करवाई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने आज सागर के समीप ग्राम बामौरा में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग की 15 विभूतियों को म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 प्रदान किये। साथ ही वर्ष 2017-18 म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिये चयनित पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सम्मानित किया। श्री चौहान ने शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिये महत्वपूर्ण घोषणाएँ अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिये इसी शिक्षा सत्र से विकासखण्ड स्तर पर छात्रावास खोले जायेंगे। छात्रावास के प्रारंभ होने तक किराये के भवन में छात्रावास संचालित किये जायेंगे। ·छात्रावास में विद्यार्थी को प्रवेश नहीं मिलने की स्थिति में अगर 2 विद्यार्थी मिलकर किराये के मकान में पढ़ाई करेंगे, तो मकान किराया सरकार देगी।  पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिये अभिभावक की वार्षिक आय सीमा 75 हजार रूपये को बढ़ाकर 3 लाख रूपये सालाना किया जायेगा। अब एक वर्ष में अन्य पिछड़ा वर्ग के 50 विद्यार्थियों का विदेशी विश्वविद्यालय में चयन होने पर उनकी फीस राज्य सरकार भरेगी। अभी तक विद्यार्थियों की यह संख्या मात्र 10 तक सीमित थी।  पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिये कोचिंग दिलवायी जायेगी।  पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से अब कांऊसिलिंग के समय आय प्रमाण-पत्र नहीं माँगा जायेगा। केवल फीस भरते समय आय प्रमाण-पत्र की जरूरत होगी। ·पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जा रहा अनुरक्षण भत्ता दोगुना किया जायेगा। यह वृद्धि मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा संस्थानों में चयन होने तक देय होगी।  कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्याथियों को मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया जायेगा। ऐसे विद्यार्थी का चयन किसी उच्च शिक्षा संस्थान में होता है, तो उसकी फीस सरकार देगी।  हर वर्ष पिछड़ा वर्ग के 2 लाख हितग्राहियों को शासन की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ दिया जायेगा।  नरयावली में महाविद्यालय और जरूआखेड़ा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) खोले जायेंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग को 5973 करोड़ की आर्थिक सहायता/अनुदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिये 5973 करोड़ रूपये की राशि आर्थिक सहायता और अनुदान के रूप में खर्च की है। राज्य सरकार की यह कोशिश निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना में पिछले वित्त वर्ष में 111 करोड़ रूपये खर्च कर युवाओं को स्व-रोजगार से लगाया गया है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी, स्व-रोजगार योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की जानकारी देते हुए अपील की कि 7 मई को अपनी ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में जरूर शामिल हों। उन्होंने श्रमिक बंधुओं से आग्रह किया कि विशेष ग्राम सभाओं में जाकर अपने पंजीयन का सत्यापन करायें और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित विभूतियाँ मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा महाकुंभ में म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 से श्रीमती कान्ति पटेल, श्रीमती आशा साहू, श्रीमती माया विश्वकर्मा, श्रीमती अलका सैनी, श्रीमती बबीता परमार, श्रीमती यमुना कछावा, श्रीमती प्रीति सेन, सुश्री राजकुमारी कुसुम महदेले (जबलपुर), श्री सूरज सिंह मारण, डॉ जे.के. यादव, श्री राजेश दोडके, डॉ. भगवान भाई पाटीदार, श्री काशीराम यादव और श्री महेन्द्र कटियार को सम्मानित किया। इन विभूतियों को पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रूपये, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र, शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। स्व. श्री नारायण सिंह डागोर का मरणोपरांत पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चन्द्रादेवी ने प्राप्त किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर श्री अभय दर्रे, बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, श्रीमती पारूल साहू, श्री हरवंश राठौर, श्री प्रदीप लारिया, श्री महेश राय, श्री हर्ष यादव, म.प्र. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री राधेलाल बघेल, पिछड़ा वर्ग तथा वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप पटेल एवं अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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Dakhal News 7 May 2018

पेज 3

  वही हुआ जिसकी उम्मीद थी, अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर की नई फिल्म '102 नॉट आउट' ने हर दिन अपनी कमाई में इजाफा किया। शुक्रवार से रविवार तक कमाई का आंकड़ा बढ़ता ही गया। पहले वीकेंड पर इस फिल्म की जेब में 16.65 करोड़ रुपए है जबकि लग रहा था कि इसे 12 से 14 करोड़ का वीकेंड नसीब हो पाएगा, जो कम बजट की इस फिल्म के लिए बुरा नहीं होगा। इस लिहाज से 16 करोड़ से ज्यादा कमाई शानदार रही। पहले दिन इस फिल्म को 3.52 करोड़ रुपए की ओेपनिंग मिली। शनिवार को यह कमाई बढ़कर 5.53 करोड़ रुपए हो गई। संडे सबसे खास रहा। छुट्टी वाले दिन परिवारों ने इसे खूब देखा और 7.60 करोड़ इसे मिले। कहा भी जा रहा था कि इस फिल्म को परिवार ही चला सकते हैं क्योंकि इसका कंटेंट ही एेसा है। तय है कि इसकी दौड़ लंबी होगी। यह उन फिल्मों में से है जो पहले दिन कम कमाती हैं और तारीफों के दम पर लंबी चलती हैं। उमेश शुक्ला ने बढ़िया फिल्म बनाई है। इसे देखते हुए इमोशनल न होना, असंभव लगता है। परिवारों को यह मनोरंजन पसंद आने वाला है। एक अलग कहानी है जो काफी कुछ सिखा जाती है। अमिताभ बच्चन की फिल्मों की ओपनिंग की बात करें तो पिछले कुछ साल में उनकी सबसे अच्छी फिल्म 'वजीर' रही थी जिसे पहले दिन 5.57 करोड़ रुपए मिले थे। यह बात अलग है कि फिल्म हिट नहीं हो पाई थी। हिट फिल्म 'पीकू' को पहले दिन 5.32 करोड़ रुपए मिले थे। 'बिग बी' की सुपरहिट फिल्म 'पिंक' 4.32 करोड़ पहले दिन कमा पाई थी। 'भूतनाथ रिटर्न्स' का पहला दिन 4.07 करोड़ का था। 'तीन' कमजोर रही थी और इसे केवल 2.62 करोड़ रुपए पहले दिन मिले थे। सबसे बुरा हाल राम गोपाल वर्मा की 'सरकार 3' का रहा था। इस फ्लॉप फिल्म को 2.10 करोड़ रुपए ही पहले दिन मिले थे। ऋषि कपूर और अमिताभ ने मिलकर इसका प्रचार बिल्कुल अलग ढंग से किया। सोशल मीडिया पर दोनों के कई वीडियोज आए। वैसे लंबे समय बाद अमिताभ-ऋषि की जोड़ी बड़े परदे पर लौटी हैं। ये बड़े परदे पर उनकी 27 साल बाद वापसी है। इस फिल्म अमिताभ अपने पूरे रंग में नजर आए हैं। उन्हें पूरे वक्त ऋषि कपूर को छेड़ते हुए देखा जा सकता है। 'ओह माय गॉड' जैसी फिल्म बनाने वाले नेशनल अवॉर्ड विनर उमेश शुक्ला की फिल्म '102 नॉट आउट' बुजुर्ग बाप-बेटे की कहानी है, जिसमें अमिताभ पिता और ऋषि बेटे की भूमिका में हैं। सौम्या जोशी के नाटक पर आधारित ये फिल्म न सिर्फ़ हर तरह के इमोशन को परिभाषित करती है बल्कि ये एक फन स्टोरी भी है। फिल्म में 75 साल के बेटे की भूमिका निभा रहे ऋषि कपूर अमिताभ के साथ फिर से स्क्रीन शेयर कर बेहद खुश हैं। इससे पहले 'कपूर एंड संस' में ऋषि 90 साल के बुजुर्ग का रोल निभा चुके हैं जबकि सालों से बिग बी पर्दे पर बुजुर्ग वाले रोल निभाते रहे हैं लेकिन इस बार परदे पर उनकी उम्र का ग्राफ और चढ़ा है। हाल के वर्षों में अमिताभ ने 'पीकू', 'शमिताभ' और 'तीन' जैसी फिल्मों में उम्रदराजी दिखाई है।

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Dakhal News 7 May 2018

  सनी लिओनी के संघर्ष और सफलताओं को उनकी आने वाली बायोपिक दिखाएगी जिसका नाम है 'करणजीत कौर - द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लिओनी'। यह इसी महीने दिखने वाली है। टीम ने तो इसके दूसरे सीजन की तैयारी भी कर ली है। इसमें सनी तो अपना रोल खुद कर रही हैं, लेकिन उनके पति डेनियल वेबर इसका हिस्सा नहीं बन रहे हैं। 'मिड डे' से वेबर ने कहा है 'मैंने पहले इस बारे में सोचा था लकेिन फिर मुझे लगा कि तीन महीने बहुत ज्यादा हैं। इतना वक्त मैं एक्टिंग के लिए नहीं दे सकता। मेरे पास मेरी कंपनी से जुड़े तमाम काम भी होते हैं। रोज-रोज के ये काम मेरे न होने से रुक सकते हैं इसलिए मैंने बायोपिक में मेरा रोल नहीं किया।' टीम ने डेनियल के रोल के लिए साउथ अफ्रीका के एक्टर मार्क बकनर को चुन लिया है। वेबर ने बताया 'टीम ने उनका लुक टेस्ट किया है। कैप टाउन में हुए इस टेस्ट के बाद उन्हें चुन लिया गया। अब मार्क स्क्रिप्ट को समझने में लगे हैं। उनकी डायलॉग डिलेवरी पर भी काम होना है। सबसे बड़ी बात कि उन्हें मेरे टैटू बनवाने होंगे, जो मुझे लगता है उनके लिए काफी दिक्कतभरा काम होगा।' क्या मार्क के आने से सनी को काम करने में किसी तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ेगा? क्या वो उतनी स्वाभिकता से मार्क के साथ काम कर पाएंगे? इसके जवाब में डेनियल बोले 'सनी अच्छे से जानती हैं कि कैमरा क्या चाहता है और देखने वालों को उनके किरदार से क्या उम्मीद होती है। मार्क और सनी हर सीन को करने से पहले साथ बैठते हैं और समझते हैं कि बतौर कपल उन्हें यह कैसे करना चाहिए। मैंने सिर्फ उनसे कहा है कि स्क्रीन पर वे कॉन्फिडेंट दिखें।' सनी ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। आज भी यह एक्ट्रेस अपने बीते कल की वजह से कई सवालों और आरोपों को झेल रही हैं। यह एक तथ्य है कि सनी ने अपने करियर की शुरुआत बतौर पोर्न स्टार की थी। पोर्न इंडस्ट्री में आने से पहले सनी का नाम करणजीत कौर था। कनाडा में रहने वाली इस पंजाबी लड़की ने माना है कि उन्हें कम उम्र में ही हेट मेल्स(आलोचनाओं) का सामना करना पड़ गया था। सनी ने स्पष्ट किया कि उन्हें बुराइयां सुनने की आदत है, भारत से बाहर भी उनसे कुछ अलग बर्ताव नहीं होता है। सनी ने कहा है कि जब वे 21 साल की थी तभी से उन्हें बुरे-बुरे मेल्स मिला करते थे। इसमें उनकी पोर्न इंडस्ट्री में ली गई एंट्री का जिक्र होता था। सनी बोलती है कि भारत में तो ये होना ही था, दूसरे देशों में भी उन्हें खूब खरी-खोटी सुनना पड़ी है। सनी मानती हैं कि ये देश की नहीं... दरअसल समाज की बात है। अाज सनी कई विज्ञापनों में नजर आती हैं। उनकी पिछली फिल्म अरबाज खान की साथ थी जिसका नाम 'तेरा इंतजार' था। सनी ने भारत में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत महेश भट्ट के प्रोडक्शन की फिल्म 'जिस्म 2' से की थी। इस फिल्म को महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने निर्देशित किया था।  

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Dakhal News 5 May 2018

दखल क्यों

  दिल्ली से सटे गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ने को लेकर उपजे विवाद के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने विदेश जाने से पहले दो टूक कह दिया कि निर्धारित स्थानों पर ही नमाज पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक स्थान इस कार्य के लिए निर्धारित नहीं होते। चंडीगढ़ में  पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद और ईदगाह होते हैं। इसके अलावा अपने निजी स्थान अथवा घर पर नमाज पढ़ी जा सकती है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़कर प्रदर्शन करना उचित नहीं है। यदि नमाज पढ़ने के लिए निर्धारित स्थान कम पड़ते हैं तो संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इनका निर्माण कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से निगाह है और स्थिति को किसी सूरत में नहीं बिगड़ने दिया जाएगा।    

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Dakhal News 7 May 2018

मध्यप्रदेश में निरंतर किये जा रहे प्रयासों से बाघों की संख्या बढ़ रही है। किशोर होते बाघों को वर्चस्व की लड़ाई और मानव द्वंद से बचाने के लिये वन विभाग ने अभिनव योजना अपनायी है। वन विभाग अनुकूल वातावरण का निर्माण कर बाघों को ऐसे अभयारण्यों में शिफ्ट कर रहा है, जहाँ वर्तमान में बाघ नहीं हैं। पन्ना में बाघ पुनर्स्थापना से विश्व में मिसाल कायम करने के बाद वन विभाग ने सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी 6 बाघों का सफल स्थानांतरण किया है। बाघ शून्य हो चुके पन्ना में आज लगभग 30 बाघ हैं। अब नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुनर्स्थापना का कार्य प्रगति पर है। मध्यप्रदेश केवल प्रदेश में ही नहीं देश में भी बाघों का कुनबा बढ़ा रहा है। जल्द ही प्रदेश उड़ीसा के सतकोसिया अभयारण्य को भी 3 जोड़े बाघ देगा। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार स्वयं नौरादेही पहुँचकर ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं। जबलपुर से 140 किलोमीटर दूर दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिले में 1197 वर्ग किलोमीटर में फैले नौरादेही अभयारण्य में बहुत पहले कभी बाघ रहे होंगे। यह जंगल देश की दो बड़ी नदियों गंगा और नर्मदा का कछार होने के कारण यहाँ पानी की कमी नहीं है। वन विभाग ने पन्ना की तर्ज पर देश के सबसे बड़े इस अभयारण्य में बाघ आबाद करना शुरू कर दिया है। पिछले 18 अप्रैल को यहाँ कान्हा से ढ़ाई वर्षीय एक बाघिन और 29 अप्रैल को बाँधवगढ़ से लगभग पाँच वर्षीय बाघ का स्थानांतरण किया गया है। बाघिन तो नये वातावरण में रम गई है, पर बाघ को नये आवास का अभ्यस्त बनाने के लिये विभाग काफी मशक्कत कर रहा है। नौरादेही की टीम ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर मात्र तीन दिनों में दोनों के लिये विशेष रूप से अलग-अलग बाड़ा तैयार किया है। प्रबंधन ने इन्हें एन-1 और एन-2 का नाम दिया है। बाघ का जोड़ा आने से स्थानीय लोगों में काफी उत्साह और गर्व की भावना है। वे इन्हें राधा-किसन के नाम से पुकारने लगे हैं। वनमंडलाधिकारी श्री रमेशचन्द विश्वकर्मा ने बताया कि शुरू में एक-दो दिन असहज रहने के बाद बाघिन ने नये वातावरण के साथ सामंजस्य शुरू कर दिया है। वह शिकार भी कर रही है और एक हेक्टयेर में बने अपने बाड़े में स्वाभाविक रूप से दिनचर्या व्यतीत कर रही है। पास में स्थित मचान और एक वाहन के माध्यम से वन अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे बाघिन के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं। बाघ ने स्वयं को बाड़े से आजाद कर दो-ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित नाले के किनारे प्राकृतिक रूप से बनी खोह में अपना ठिकाना बना रखा है। दो सौ किलोग्राम से अधिक वजन वाला यह बाघ काफी तन्दरूस्त और शक्तिशाली है। शुरूआती दिनों में असहज रहने के बाद वह भी नये माहौल में घुलने-मिलने लगा है। बाघ के रेस्क्यू के लिये बांधवगढ़ से हाथी की टीम के साथ दल आ गया है। वन विभाग बाघ पर सतत निगरानी रखे हुए हैं। कुछ दिनों के बाद बाघ की पसंद को देखते हुए निर्णय लिया जायेगा कि इसे वापस बाड़े में पहुँचायें या उन्मुक्त जंगल में विचरण करने दें। अभयारण्य में बसे गाँव के लोग भी इस काम में मदद कर रहे हैं। अभयारण में 69 गाँव थे, जिनमें से 10 गाँव का विस्थापन कर मुआवजा दिया जा चुका है। सात गाँव के विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। इनमें 4 सागर और 3 नरसिंहपुर जिले के हैं। ग्रामीण भी खुश हैं कि अब उन्हें जंगल में होने वाली दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ रहा है। घर में बिजली है, कहीं आने-जाने के लिये सड़क और साधन हैं। तेंदुआ, सियार आदि जंगली जानवरों का भय भी नहीं रहा। रिक्त गाँवों में बड़ी मात्रा में घास विकसित की गई है। इससे शाकाहारी प्राणियों की संख्या बढ़ने से बाघों को भरपूर शिकार मिलेगा। विस्थापन से मानव हस्तक्षेप खत्म होने से जंगल अपने प्राकृतिक स्वरूप में आता जा रहा है। यहाँ के भारतीय भेड़िया के साथ भालू, सांभर, चीतल, चिंकारा, जंगली बिल्ली आदि की संख्या बढ़ी है। पेंच राष्ट्रीय उद्यान से भी सात खेप में यहाँ 125 चीतल आ चुके हैं।  

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Dakhal News 5 May 2018
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