विशेष

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को देश के हर कोने में बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में कहा है कि योग को जीवन में नमक की तरह महत्वपूर्ण बनाएं। मोदी ने योग दिवस पर लखनऊ में हजारों लोगों के साथ बरसते पानी में योग किया। करीब 45 मिनट योग करने के बाद पीएम मोदी यहां से रवाना हो गए और उनके जाते ही लोगों की संख्या भी कम होने लगी। बुधवार को भारत समेत दुनियाभर के 150 देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। भारत में भी दिल्‍ली से लेकर लद्दाख तक लोग योग करते नजर आ रहे हैं। भारत में सबसे बड़ा आयोजन लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान पर हुई जहां प्रधानमंत्री मोदी खुद मौजूद रहे। तेज बारिश के बीच प्रधानमंत्री मंच से नीचे आकर लोगों के बीच उनके साथ योग किया। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। इनके अलावा मैदान पर 51 हजार लोगों एक साथ योग कर रहे थे। तेज बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग यहां बैठे रहे। इससे पहले पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज योग जन-जन का और घर-घर का हिस्सा बन रहा है। इसे देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मशहूर हुआ है और दुनिया को भारत से जोड़ा है। विश्व के तमाम देश योग के कारण भारत से जुड़ रहे हैं वह हमारी भाषा नहीं जानते हमारी संस्कृति भी ढंग से नहीं जानते मगर योग से हमसे जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में योगा इंस्टिट्यूट खोल रहे हैं युवा योग सीख रहे हैं आज विश्व के देशों में योग ट्रेनर की मांग बढ़ रही है भारत के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। हमने कहा हम योग के अभ्यास बने, योग करके हम अपने शरीर के अंग जो सुषुप्तावस्था मे रहते हैं उन्हें जाग्रत किया जा सकता है। जीवन में एक चुटकी नमक का बहुत महत्व है या शरीर की रचना में महत्वपूर्ण है इसी तरह योग भी बहुत महत्वपूर्ण है। इससे पहले पीएम मोदी के यहां पहुंचते ही लखनऊ में बारिश शुरू हो गई और योग करने पहुंचे लोग योगा मेट से खुद को ढककर बारिश से बचते दिखे। इसे देखकर पीएम ने कहा कि मैंने पहली बार देखा है कि योगा मेट का इस तरह से भी कोई उपयोग हो सकता है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी के चलते रमाबाई अंबेडकर मैदान और उसके चारों ओर चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में योग दिवस के 5,000 से ज्यादा आयोजन होंगे। वहीं दूसरी तरफ अहमदाबाद में बाबा रामदेव योग दिवस पर लोगों को योग करवा रहे हैं। दावा है कि यहां एक साथ 5 लाख लोगों ने योग किया है। इस आयोजन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हुए हैं। आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के जवानों ने लद्दाख की जमा देने वाली ठंड में योग कर लोगों को एक संदेश दिया। आईटीबीपी के जवानों ने अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लगभग 18000 फीट की ऊंचाई पर लद्दाख में -25 डिग्री सेल्सियस की कड़कड़ाती ठंड में योग किया। ऐसा कर सेना के जवानों ने देशवासियों को यह संदेश दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, योग कहीं भी किया जा सकता है। योग करते समय इन जवानों के चारों ओर बर्फ की मोटी चादर साफ देखी जा सकती है। जवानों के मुंह से निकलने वाली भाप से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां कितनी ठंड पड़ रही है। उधर नौसैनिकों ने भी अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया। आईएनएस विक्रमादित्‍य एयरक्राफ्ट पर मौजूद नौसैनिकों ने भी योग अभ्‍यास किया। आईएनएस विक्रमादित्य भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है। यह समुद्र का बेताज बादशाह है। इसकी लंबाई 283.5 मीटर है और यह 20 मंजिला ऊंचा है। इसका वजन 44,500 टन है। यह 30 लड़ाकू जहाज ले जाने की क्षमता से लैस है।  

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Dakhal News 21 June 2017

रायपुर में  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ राज्य ने एक अनोखा विश्व कीर्तिमान बनाया। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के लगभग 50 लाख लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर एकसाथ योगाभ्यास किया। प्रदेश के लगभग 11 हजार स्थानों पर स्कूली बच्चों, बुजुर्गो, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब (विवेकानंद सरोवर) के सामने इंडोर स्टेडियम में 600 स्कूली बच्चों के साथ एक घण्टे तक सामान्य योग अभ्यास क्रम के अनुसार योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। योग अभ्यास कार्यक्रम छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एक साथ लगभग 50 लाख लोगों के योगाभ्यास के कीर्तिमान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गोल्डन बुक ऑफ वर्ड रिकार्डस् के आब्जर्वर संतोष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस विश्व कीर्तिमान का प्रमाण पत्र सौंपा। आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ स्कूली बच्चों के अलावा कई जनप्रतिनिधियों और शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी योग अभ्यास किया। डॉ.रमन सिंह ने सामूहिक योग अभ्यास के बाद स्कूली बच्चों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग को हमें अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। हमने यहां केवल आज ही नही बल्कि वर्ष के पूरे 365 दिन योग करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प पर हमें कायम रहना होगा।  

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Dakhal News 21 June 2017

राजनीति

उमेश त्रिवेदी गणित रामनाथ कोविंद के पक्ष में है और वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है- शायद इसीलिए विकीपीडिया में एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद की मामूली सी लगने वाली प्रोफाइल की स्याही में एकाएक सोना घुलने लगा है और मोदी की बुलन्दियों के आगे बादल हारने लगे हैं। कोविंद के राष्ट्रपति प्रत्याशी होने से पहले तक विकीपीडिया में उनका जीवन-परिचय महज आठ पंक्तियों में लगभग ढाई सौ शब्दों में सिमटा था। राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी घोषित होने के बाद इसमें दो लाइन और चालीस शब्द और जुड़ गए हैं।     बिहार के राज्यपाल के रूप में कोविंद बड़े आदमी जरूर थे, लेकिन 19 जून के बाद उनके बड़प्पन में एकाएक महानता घुलने लगी है, ज्ञान का आभा-चक्र उनके व्यक्तित्व को जगमगाने लगा, विशेषणों के पुष्प-गुच्छ सजने लगे हैं। पता नहीं, राष्ट्रपति के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक-अन्वेषण के पहले रामनाथ कोविंद की महानता का इंडेक्स कितना था, लेकिन मोदी की राजनीतिक-कृपा बरसने के बाद सारे डायनॉमिक्स एकाएक बदल गए हैं।  राजनीतिक-राडार पर नीचे उड़ान भरने वाले कोविंद के जेट-अपीरियेंस ने हर निगाह को उनकी ओर मोड़ दिया है। सोमवार को मीडिया-सर्च में वो सबसे अव्वल थे। अखबारों की हेड-लाइंस में उनका बखान चौंकाने वाला है। उन्हें चमक-दमक से दूर हमेशा लो-प्रोफाइल रहने वाले गुमशुदा से बिरले राजनीतिज्ञ के रूप में परोसा जा रहा है। खबरों में आरएसएस से उनकी जुगलबंदी की अनुगूंज सुनाई पड़ने लगी है। आरएसएस उन्हें सेवा और साधना के लिए समर्पित हिन्दुत्व के लिए प्रतिबद्ध आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में पसंद करता रहा है। संघ के शीर्ष नेतृत्व में शरीक भैयाजी जोशी और कृष्ण  गोपाल जी जैसी हस्तियों का सम्मान उन्हें हांसिल  है। दलितों के बीच संघ की पैठ बढ़ाने में उनके योगदान का संघ में बड़ा सम्मान है। उनके चयन को संघ की विचारधारा का विस्तार माना जा रहा है। यह उनके राष्ट्रपति प्रत्याशी हो जाने का प्रताप है, राष्ट्रपति भवन की भव्यता का ताप है कि उनके अक्षर-ज्ञान में वैदिक-ऋचाओं का रस छलकने लगा है, उनके शब्दों में सुभाषितों का कोरस खनकने लगा है। मंत्रियों के ट्विटर-अकाउंट पर उनकी गुण-गाथा चहकने लगी है और टीवी बाइट्स में उनका राजनीतिक-अवतार असीम श्रद्धा बटोर रहा है।  कोविंद और भाजपा का रिश्ता 26 साल पुराना है, वो दिल्ली में वकालत करते थे और उत्तर प्रदेश में भाजपा के महत्वपूर्ण पदों पर बैठकर संगठन की मूक सेवा करते थे। उनकी राजनीतिक हैसियत का अंदाज इसी  बात से लग सकता है कि 2014 में तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा ने उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया था। भाजपा में मोदी के अभ्युदय के बाद वो पार्टी में हाशिए पर पहुंच गए थे। वो उप्र  भाजपा में ही कुछ काम करते रहना चाहते थे। भाजपा की राजनीतिक जरूरतों के मद्देनजर मोदी उप्र के किसी दलित नेता को बिहार का राज्यपाल बनाना चाहते थे। संयोगवश राजनीतिक-लाटरी में रामनाथ कोविंद का नाम सामने आया और वे बिहार के राज्यपाल बन गए। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि यही दलित-संयोग उन्हें बिहार के राजभवन से राष्ट्रपति-भवन पहुंचा रहा है।       कहते हैं कि समय बड़ा बलवान होता है, काल का पहिया अपने हिसाब से घूमता और चलता है, लोगों के जतन करने से कुछ हांसिल नहीं होता है, इस बात का किसी के पास कोई जवाब नहीं है कि रामनाथ कोविंद ही भाजपा की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी क्यों हैं और भाजपा के पितृपुरुष लालकृष्ण आडवाणी राष्ट्रपति की चौखट तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं? मुरली मनोहर जोशी इलाहाबाद में संगम के किनारे रामनामी ओढ़े क्यों बैठे हैं? शांता कुमार हिमाचल की वादियों में क्यों गुम हो गए हैं? सोशल मीडिया पर किसी ने यह सवाल पूछा है कि लालकृष्ण आडवाणी के बजाय रामनाथ कोविंद नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता क्यों हैं? इसी सवाल के नीचे उत्तर भी नत्थी है कि यदि भाजपा का संसदीय बोर्ड आडवाणी को अपना प्रत्याशी चुनता तो इसकी सूचना लेकर नरेन्द्र मोदी को आडवाणी के घर जाना पड़ता, कोविंद की तरह आडवाणी मोदी से मिलने प्रधानमंत्री आवास पर नहीं आते...क्योंकि आडवाणी के सार्वजनिक-जीवन और राजनीतिक साधना की जगमगाहट किसी पद या व्यक्ति का मोहताज नहीं है। लोग रामनाथ कोविंद के चयन में मोदी के राजनीतिक चातुर्य को सराह रहे हैं कि उन्होंने 2019 में भाजपा के विजयश्री की नींव रख दी है, लेकिन उस राजनीतिक कुटिलता को नहीं पढ़ रहे जो पार्टी में एकाधिकार की कूट-दिशाओं की इशारा कर रही हैं।[लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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Dakhal News 22 June 2017

  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कांग्रेस ने मंदसौर में पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत के विरोध में भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय सहित जिलों में भी शवासन किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस का आरोप है कि किसानों की मौत के बाद भी सरकार लापरवाह बनी रही, इसके विरोध में ही शवासन किया गया। कुछ किसान संगठनों ने भी कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए शवासन किया। भारतीय किसान महासंघ ने भी राजधानी में शवासन कर विरोध जताया।गौरतलब है कि किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर पुलिस फायरिंग में हुई किसानों की मौत के बाद से कांग्रेस सरकार को घेरने में लगी है।  

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Dakhal News 21 June 2017

मीडिया

राज्य सभा टीवी में जॉब की चाह रखने वालों के लिए सुनहरा मौका है। यहां विभिन्न पदों के लिए आवेदन निकाले गए हैं, जिसके लिए उसने वॉक इन इंटरव्यू/स्किल टेस्ट का सिस्टम अपनाया है। ये पोस्ट प्रड्यूसर (हिंदी), असोसिएट कॉपी एडिटर (न्यूज मीडिया- हिंदी व अंग्रेजी), सीनियर एंकर (हिंदी), एंकर (हिंदी), सीनियर गेस्ट कोआर्डिनेटर, गेस्ट कोआर्डिनेटर, जूनियर गेस्ट कोआर्डिनेटर, विडियो लाइब्रेरियन, विडियो लाइब्रेरियन  के लिए निकाली गई हैं। बता दें कि इन पदों के लिए 21 से 58 साल तक के योग्य व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को राज्य सभा टीवी की वेबसाइट पर मौजूद फॉर्म डाउनलोड कर भरने के बाद इंटरव्यू के लिए दी गई तारीखों पर राज्य सभा टीवी के नीचे दिए ऑफिस में पहुंचना है। इसके आवेदन फॉर्म के साथ सेल्फ अटेस्ट किए हुए क्वॉलिफिकेशन डॉक्युमेंट्स की कॉपीज ले जानी जरूरी है। ओरिजनल क्वॉलिफिकेशन डॉक्युमेंट्स नहीं ले जाने हैं। अधिक जानकारी के लिए आप लिंक http://rajyasabha.nic.in/rsnew/rstv/rstvrec.pdf पर क्लिक कर सकते हैं या फिर नीचे पढ़ सकते हैं: पता: Rajya Sabha Television, 3rd Floor, Talkatora Stadium Annexe Building, New Delhi-110001

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Dakhal News 21 June 2017

  जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज किशन कृष्णा युवक मंडल, ग्वालियर की स्मारिका का विमोचन किया। इस अवसर पर स्मारिका के संपादक श्री सौरभ सक्सेना सहित पत्रकार श्री संजय जैन, श्री संतोष हिंगणकर उपस्थित थे।

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Dakhal News 20 June 2017

समाज

 एमपी के जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज नई दिल्ली में देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए द्वारा मनोनीत उम्मीदवार श्री रामनाथ कोविंद से भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री कोविंद को दतिया की माँ पीताम्बरा पीठ में आने का न्यौता भी दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही श्री कोविंद दतिया पधारे थे और उन्होंने माँ पीताम्बरा पीठ में दर्शन किए थे।  

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Dakhal News 22 June 2017

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों का आव्हान किया है कि योग रोज करें। योग तन को स्वस्थ, मन को प्रसन्न और बुद्धि को प्रखर करता है। श्री चौहान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज स्थानीय लाल परेड ग्राउन्ड में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिकगण ने योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान जीवन की आपा-धापी में जीवन तनावमय हो गया है। जीवन को तनाव मुक्त करने का प्रभावी माध्यम योग है। सफल, सार्थक मानव जीवन जीने के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनायें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुये कहा कि व्यक्ति अनंत शक्तियों का भंडार है। वह ईश्वर का अंश है। मनुष्य अपनी क्षमताओं का बहुत कम ही उपयोग कर पाता है। व्यक्ति की इस अपार आंतरिक शक्ति को प्रखर बनाने का कार्य योग करता है। श्री चौहान ने कहा कि भारतीय ऋषि मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व योग विधा का आविष्कार किया था। विश्व के जन-जन के मन में योग को प्रस्फुटित करने के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोटिश: धन्यवाद दिया और नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित की। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुये कहा कि जीवन आनंद, उत्सव और प्रसन्नता के साथ जियें। देश और समाज के विकास में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनाएँ। नशा नहीं करने के लिए कृत-संकल्पित हों। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेधावी छात्र योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मुकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, प्रणायाम, नाड़ी शोधन, अनुलोम विलोम और शीतली और भ्रामरी प्राणायाम योग आसन किये। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश गान का गायन हुआ और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संदेश का प्रसारण हुआ।  

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Dakhal News 21 June 2017

पेज 3

सलमान खान की फिल्म 'ट्यूबलाइट' इस शुक्रवार को रिलीज हो जाएगी। साथ ही दुनिया के 50 देशों में भी ये रिलीज़ होगी और वो भी बड़े पैमाने पर। खबर है कि कबीर खान निर्देशित यह फिल्म अमरीका की 330 स्क्रीन्स में रिलीज़ होने जा रही है। सलमान खान फिल्मस की ओर से प्रोड्यूस की गई इस फिल्म को ओवरसीज़ में डिस्ट्रीब्यूट करने का जिम्मा इस बार 'यशराज फिल्म्स' ने लिया है। बताया जाता है कि 'ट्यूबलाइट' इस बार दुनिया भर में रिकार्डतोड़ स्क्रीन्स में रिलीज़ हो रही है, जिसकी संख्या 10000 के आसपास तक भी हो सकती है। यूके में 250 स्क्रीन्स के अलावा अमेरिका में 330 स्क्रीन्स में फिल्म को रिलीज़ किया जाना एक बड़ा कदम बताया जा रहा है क्योंकि सलमान खान की अमेरिका में भी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। उनकी पिछली 'सुल्तान' को अमरीका से करीब 3.33 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी। सलमान खान ने इस बार अमेरिका को भी प्रमोशन में काफी तरजीह दी है। हाल ही न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर 'ट्यूबलाइट' के प्रमोशन करते हुए बिलबोर्ड्स लगाए गए हैं। वहां के लोग भी सलमान और सोहेल की इस इमोशनल कहानी को देखने के लिए बेताब हैं। फिल्म ट्यूबलाइट के सहयोग में इस बार UC News (#TubelightWithUC) बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। ट्यूबलाइट एक ऐसे भाई की कहानी है , जिसको बातें ज़रा देर से समझ में आती हैं लेकिन उसे यकीन है कि वो भारत चीन के बीच हो रहे युद्ध में गए अपने भाई को ढूंढ कर( #FindingBharat) ले आएगा। दोनों भाइयों की भूमिका सलमान और सोहेल ने निभाई है। फिल्म 23 जून को रिलीज़ होगी।  

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Dakhal News 21 June 2017

  शाहरुख़ ख़ान की जल्द रिलीज होने वाली फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' की तीसरी झलक भी जारी हो गई है। एक छोटे-से वीडियो में शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा को नोक-झोंक करता हुआ देख सकते हैं। अनुष्का इसमें एक रिंग का जिक्र करते हुए दिखती हैं। बता दें कि इस फिल्म के नाम को लेकर पहले चर्चा थी कि इसे 'द रिंग' पुकारा जाएगा। दरअसल अभी इस फिल्म का अभी कोई ट्रेलर नहीं आया है। इस फिल्म के लिए शाहरुख की टीम ने अलग ढंग से प्रचार करना तय किया है। इस योजना में सीधे ट्रेलर लाॅन्च करने के बजाय छोटे-छोटे वीडियो जारी किए जाएंगे। शाहरुख इन्हें मिनी ट्रेल्स कह रहे हैं। पहला और दूसरा मिनी ट्रेल पहले ही जारी हो गया है। शाहरुख का मनाना है कि इन मिनी ट्रेल्स के जरिए लोग हैरी और सेजल के किरदारों को बेहतर समझ पाएंगे। तीसरे ट्रेल में शाहरुख खान और अनुष्का को अलग-अलग जगहों पर एक-दूसरे से उलझते हुए देखा जा सकता है। इसे देखना मजेदार है। शाहरुख के मूड स्विंग्स तो कमाल के हैं। 'जब हैरी मेट सेजल' फ़िल्म में SRK एक ऐसे इंसान का रोल प्ले कर रहे हैं जिसे गाने का बहुत शौक है। हाल ही में शाहरुख़ ने एक और वीडियो जारी करके देश की सभी सेजल नाम की लड़कियों से मिलने की चाहत जताई थी। SRK उस शहर में भी जाएंगे जहां सबसे ज्यादा सेजल नाम की लड़कियां रहती हैं। इम्तियाज़ अली द्वारा डायरेक्टेड यह फ़िल्म 4 अगस्त को रिलीज़ होगी।

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Dakhal News 20 June 2017

दखल क्यों

उमेश त्रिवेदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित करके विपक्ष के उन परिन्दों को हतप्रभ कर दिया है, जो विपक्षी एकता के नाम पर उनकी सत्ता के सुनहरे राजनीतिक जाल को लेकर उड़ जाना चाहते थे। विपक्षी-एकता के नाम पर चुनाव के राजनीतिक फलक पर उड़ने को आतुर 17 विपक्षी दलों के इस समूह की ताकत को पहला झटका बसपा की मायावती की ओर लगा है, जो दलित राष्ट्रपति के रूप में उनका समर्थन करने को मजबूर हैं। राजनीतिक-जमीन पर उनके भारी शब्दों की छटपटाहट स्पष्ट महसूस होती है कि यदि वो संघी नहीं होते तो ज्यादा अच्छा होता, लेकिन हमारे समर्थन के लिए उनका दलित होना पर्याप्त है। हार्ड-कोर संघी चेहरे को दलितों के कैनवास में पेश करके नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष के सामने सैद्धांतिक-संकट खड़ा कर दिया है कि वो दलित-विरोध के राजनीतिक गुनाहगार बनें या रामनाथ कोविंद की राहों से हट जाएं। वैसे भी विपक्ष राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद के राज-पथ पर ट्राफिक-जाम करने की स्थिति में नहीं है, लेकिन मोदी चाहते हैं कि दलित राजनीति की इस तुरूप-चाल के आगे विपक्ष विधिवत आत्म-समर्पण करें।  राष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में कोविंद की यह पेशकश प्रधानमंत्री मोदी का मास्टर-स्ट्रोक है, जिसमें विपक्ष की उस हर राजनीति का जवाब है, जिसकों लेकर मोदी-सरकार हमेशा कठघरे में खड़ी होती रही है। गरीबों और दलितों के सवाल हमेशा भाजपा को सालते रहे हैं। सवर्ण हिन्दू पार्टी की पहचान अलावा गरीब-विरोधी छवि का राजनीतिक-बोझ सत्ता की राहों में भाजपा के सफर को हमेशा बोझिल बनाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार इस राजनीतिक बोझ से निजात पाने के कुछ स्थायी उपाय किए हैं। सबसे पहले नोटों के विमुद्रीकरण को अमीर काला-बाजारियों के खिलाफ मुद्दा बनाकर उन्होंने गरीबों में सफलतापूर्वक यह विश्वास पैदा किया कि वो गरीबों के पक्षधर प्रधानमंत्री हैं। अब राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद का नाम देश की दलित-राजनीति में खलबली पैदा कर रहा है।  कोविंद का चयन भाजपा के राजनीतिक-डीएनए को बदलने वाला ऐतिहासिक उपक्रम है, जो उसकी पहचान को नई राजनीतिक-चमक देने वाला है। विमुद्रीकरण के बहाने गरीबों में भाजपा की धमक जमाने के बाद मोदी के सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष का वह दलित-एजेण्डा था, जो उनकी सरकार के लिए परेशानियों का सबब रहा है। दलित-आंदोलन के सवालों के आगे असहाय मोदी-सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर के बहाने समाधान ढूंढने के जो प्रयास किए थे, वो किताबी ज्यादा,जमीनी कम थे। इधर, मोदी अंबेडकर का जाप करते थे, उधर हैदराबाद सेण्ट्रल यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला की फांसी राजनीतिक आरोंपो का फंदा बनकर सामने खड़ी हो जाती थी।  अपने तीन साल का कार्यकाल में मोदी-सरकार ने सबसे ज्यादा दलित सवालों से जुड़े आंदोलनों का सामना किया है। जनवरी 2016 में रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद गुजरात में जिग्नेश मेवानी दलित आंदोलन का चेहरा बनकर उभरे थे। गुजरात में गौ-रक्षकों व्दारा दलितों की कोड़ों से पिटाई के बाद भड़के दलित आंदोलन ने पूरे देश के माहौल में गरमाहट पैदा कर दी थी। हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पिछड़ा-वर्ग के आंदोलन ने इसमें घी का काम किय़ा था। उत्तर प्रदेश में योगी-सरकार के गठन के बाद हाल ही में सहारनपुर में भभकी दलित आंदोलन की आग ने सारे देश को तपा सा दिया है। इस आंदोलन से उपजी भीम-आर्मी की सवर्ण ठाकुरों के अत्याचारों के विरूद्ध सामाजिक विद्रोह के राजनीतिक मायने गहरा अर्थ रखते हैं। इस दलित-सवर्ण संघर्ष में दलित नेता के रूप में चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण का अभ्युदय नई राजनीति का ऩया अध्याय प्रतीत होता है।  प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी इस तथ्य को बखूबी आंक रहे है कि पिछले सभी दलित आंदोलन की कोख से राजनीति का नया चेहरा सामने आ रहा है। जिसका राजनीतिक-समाधान जरूरी है। नए दलित नेताओं की उपज देश में परम्परागत दलित राजनीति को खारिज कर रही है। भाजपा राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद के दलित चेहरे को सामने रख कर इसका जवाब तैयार करना चाहती है। गरीब और दलितों के मसीहा के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहचान को पुख्ता करने के लिए भाजपा ने यह कदम बढ़ाया है। 72 साल के  रामनाथ कोविंद की प्रस्तुति को परम्परागत राजनीति की बासी कढ़ी में नया उबाल इसलिए नहीं कहा जाएगा कि भाजपा में पुराने होने के बावजूद नए जैसे हैं। मोदी-मेजिक के पिटारे से कलंदरी अंदाज में कोविंद लोगों के सामने निकले हैं। सक्रिय राजनीति के राडार पर उनकी हस्ती हमेशा गुमशुदा रही है। अभी लोग उनके बारे में उतना ही जानते है, जितना विकीपीडिया में लिखा है। मोदी की थीसिस के अनुसार यह नामजदगी भाजपा के 'टोटल-ट्रांसफार्मेशन' के 'केमिकल प्रोसेस' का अंतिम पर्याय हैं, जिसके जरिए नरेन्द्र मोदी 2019 के लोकसभा चुनाव की रणनीतिक-संरचना करेंगे। देश में दलित-मतदाताओं की संख्य़ा 16 प्रतिशत है। जाहिर है मोदी के दिलो-दिमाग पर इस वक्त 2019 हावी है। भाजपा के राजनीतिक-रूपांतरण की इस पहल के जवाब में विपक्ष लगभग लाजवाब है। [लेखक उमेश त्रिवेदी भोपाल से प्रकाशित सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]  

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Dakhal News 21 June 2017

टाटा व लॉकहीड के बीच करार लड़ाकू विमान एफ-16 अब भारत में भी बनेगा। लॉकहीड मार्टिन और टाटा की कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम ने इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय वायुसेना को सोवियत के समय की फ्लीट को बदलने के लिए सैकड़ों विमानों की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि इन विमानों को स्थानीय साझेदार के साथ मिलकर भारत में बनाना होगा। पेरिस एयरशो में सोमवार को करार का एलान करते हुए दोनों कंपनियों ने कहा कि भारत में उत्पादन शुरू करने के बावजूद अमेरिका में नौकरियां बनी रहेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में रोजगार सृजन अभियान के चलते इस पहल को लेकर आशंका थी। स्वीडन की कंपनी साब भी भारतीय वायुसेना को विमान आपूर्ति करने की दौड़ में है। कंपनी ने भारत में ग्रिपेन फाइटर बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। कंपनी ने अभी भारत में किसी साझेदार का एलान नहीं किया है। टाटा और लॉकहीड का समझौता मोदी की अमेरिका की यात्रा से ठीक पहले हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी 26 जून को राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने करीबी रक्षा संबंध बनाए है। भारत को हथियारों की आपूर्ति करने वाले शीर्ष तीन देशों में अमेरिका शामिल है। अन्य देश रूस और इजरायल हैं। भारत में बनने वाले एफ-16 विमान के निर्यात होने की भी उम्मीद है। 26 देशों में 3200 एफ-16 विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में एफ-16 का अब तक का सबसे आधुनिक मॉडल ब्लॉक 70 बनेगा। टाटा ग्रुप पहले से ही सैन्य मालवाहक विमान सी-130 के लिए एयर फ्रेम कंपोनेंट बना रहा है। भारत ने अभी तक जेट के ऑर्डर की औपचारिक बोलियां नहीं मंगाई है। भारत कम से कम 100 से 250 विमान खरीद सकता है।  

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